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चुनाव में 70 फीसदी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई, अर्धवार्षिक परीक्षा को लेकर असमंजस

सरकारी तंत्र में अमले की कमी : नगरपालिका में 90 फीसदी तो कृषि विभाग में 95 फीसदी स्टॉफ चुनाव में व्यस्त

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बेतुल

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Manish Geete

Oct 18, 2023

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सरकारी तंत्र में अमले की कमी के चलते इस बार भी विधानसभा चुनाव में शिक्षकों की ड्यूटी ज्यादा लगाने की तैयारी है। चुनाव के मद्देनजर जिला निर्वाचन विभाग 10400 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है। इनमें 70 फीसदी संख्या शिक्षकों की है। चूंकि इस साल नवंबर के दूसरे सप्ताह में अद्र्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू होना है, ऐसे में शिक्षकों के लिए निर्वाचन कार्य एवं परीक्षा के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल होगा।

कई विभाग ऐसे हैं जिनमें 95 फीसदी कर्मचारियों की चुनाव कार्य में ड्यूटी लगा दी गई है। बताया गया कि चुनाव प्रक्रिया कराने मंगलवार से कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी शुरू हो चुका है। इस बार तीन हजार के लगभग महिला कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला निर्वाचन विभाग द्वारा जहां कुछ विभागों के सभी कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगा दी गई है। कई विभाग से सिर्फ दो से तीन कर्मचारी की ड्यूटी लगाई है। इनमें वे विभाग शामिल हैं जहां पहले से कर्मचारियों की संख्या कम हुई।

अन्य विभाग जिनमें कर्मचारी बड़ी संख्या में पदस्थ हैं वहां आधे से अधिक स्टॉफ को चुनाव कार्य में लगाया है। बताया गया नगरपालिका में 90 फीसदी स्टॉफ चुनाव कार्य में संलग्न किया है। इसी प्रकार कृषि विभाग में भी 95 प्रतिशत कर्मचारियों को चुनाव कार्य में लगाया गया है। अन्य विभागों में भी कर्मचारियों सभी कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव कार्य में लगा दी गई है।

नवंबर में होना हैं अर्धवार्षिक परीक्षाएं

स्कूल शिक्षा विभाग एवं ट्रायबल विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में नवंबर में अर्धवार्षिक परीक्षा कराएगा। नवंबर में ही विधानसभा चुनाव होना है। निर्वाचन में सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगने से परीक्षाएं एवं चुनाव एक साथ कराने को लेकर असमंजस्य है। शिक्षा विभाग की मानें तो अद्र्धवार्षिक परीक्षाएं नवंबर में शुरू होती हैं, लेकिन नंवबर में ही चुनाव हैं, इसलिए परीक्षाओं में फेरबदल किया जा सकता है। इधर, निर्वाचन के लिए प्रशिक्षण की शुरूआत होने से स्कूलों से शिक्षक नदारद नजर आ रहे हैं।

ड्यूटी निरस्त कराने लगा रहे आवेदन

विधानसभा चुनाव संपन्न कराए जाने के लिए दस हजार से अधिक कर्मचारियों को निर्वाचन संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए सरकारी कर्मचारी अभी से बीमार होने का प्रमाण-पत्र लेकर ड्यूटी निरस्त कराने का आवेदन लगा रहे हैं। जबकि उक्त कर्मचारी ड्यूटी पर रोजाना अपने विभागों में जा रहे हैं। बताया गया कि चुनाव के पहले ही ड्यूटी निरस्त करने को लेकर अभी तक 500 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित होने के बाद ही कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी निरस्त की जा रही है।

ड्यूटी से फसल कटाई प्रयोग भी प्रभावित

निर्वाचन कार्य में कृषि विभाग एवं राजस्व अमले के पटवारियों की ड्यूटी लग जाने से खेतों में होने वाले फसल कटाई प्रयोग का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। बताया गया कि फसल कटाई प्रयोग के आधार पर ही फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को मिलता है। रेण्डम आधार पर यह कटाई प्रयोग खेतों में पटवारी एवं कृषि विस्तार अधिकारियों से किए जाते हैं, लेकिन पटवारियों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की चुनाव ड्यूटी के कारण फसल कटाई प्रयोग का काम भी अधर में लटक गया है।

22 अक्टूबर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा

निर्वाचन कार्य के लिए 10400 कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा हैं। इनमें से ही कर्मचारियों की चुनाव कार्य में ड्यूटी लगाई जाना है। 17 अक्टूबर से शुरू किया प्रशिक्षण 22 अक्टूबर तक दिया जाएगा।

-मकसूद अहमद, संयुक्त उप निर्वाचन अधिकारी बैतूल

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