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MP News: रेलवे के एक कर्मचारी की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पत्नी के आवेदन करने पर आपत्ति जताते हुए परिवार ने दावा किया है कि उनके बेटे के मौत के पहले ही बहू तलाक ले चुकी थी। इसलिए उसे अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जा सकती।
परिवार की ओर से केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में दायर की गई याचिका पर कैट के न्यायिक सदस्य न्यायाधीश एके श्रीवास्तव की एकलपीठ ने रेलवे के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता मृतक कर्मचारी की मां की ओर से तर्क दिया कि तलाक के बाद पूर्व पत्नी का परिवार से संबंध नहीं रह गया, इसलिए अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार छोटे भाई को मिलना चाहिए। एकलपीठ ने मामले में केंद्र सरकार, पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, डीआरएम जबलपुर, सीनियर डीपीओ और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह मामला होशंगाबाद (नर्मदापुरम) निवासी बिंद्रा बाई व अनिकेत मेहरा द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दामोदर मेहरा, जो रेलवे कर्मचारी थे, का निधन 14 फरवरी 2011 को हुआ था। इसके बाद उनके बड़े पुत्र राहुल को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई। राहुल ने लिखित में परिवार के भरण-पोषण का आश्वासन दिया था।
दावा किया गया कि राहुल का सात मई 2022 को विवाह हुआ और कुछ समय बाद उनकी पत्नी ने तलाक के लिए आवेदन कर दिया। जनवरी 2024 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। इसके बाद 14 जुलाई 2024 को राहुल का निधन हो गया। राहुल की पूर्व पत्नी ने अनुकंपा नियुक्ति का दावा करते हुए रेलवे में आवेदन किया। मृतक कर्मचारी के छोटे भाई अनिकेत मेहरा और उनकी मां ने कैट की एकलपीठ के समक्ष तर्क दिया कि बहू तलाकशुदा है और उसका पति की जगह अनुकंपा नियुक्ति पाने का कोई अधिकार नहीं है।
Updated on:
29 Dec 2024 05:46 pm
Published on:
29 Dec 2024 05:45 pm
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