
बैतूल। जिले की सडक़ों पर दौड़ रही 15 साल पुरानी खटारा बसों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बैतूल आरटीओ कार्यालय ने 20 बस मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में बसों का संचालन तत्काल बंद करने, परमिट आरटीओ कार्यालय में सरेंडर करने तथा नई बस के लिए परमिट लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित बसों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट द्वारा पुराने और जर्जर यात्री वाहनों के संचालन को लेकर सख्त रुख अपनाने के बाद जिले में यह कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद जिले के कई मार्गों पर अब भी वर्षों पुरानी बसें संचालित हो रही हैं, जिनकी हालत खराब बताई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूटों पर यात्री जर्जर बसों में सफर करने को मजबूर हैं। बैतूल-आमला, बैतूल बाजार-बारवही और भीमपुर-चांदू जैसे मार्गों पर चल रही कुछ बसों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। इन बसों में सीटें फटी हुई हैं, खिड़कियां और दरवाजे ठीक से बंद नहीं होते, जबकि बॉडी भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। कई बसों से चलते समय तेज आवाज आती है, जिससे यात्रियों को असुविधा के साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। इधर, हाईवे मार्गों पर चल रही कुछ मॉडिफाइड स्लीपर बसों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बैतूल-इंदौर और भोपाल-नागपुर मार्ग पर चल रही कुछ बसों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप दो दरवाजे नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। यात्रियों का कहना है कि आपात स्थिति में पर्याप्त निकास व्यवस्था नहीं होने से खतरा बढ़ सकता है। गर्मी के मौसम में बसों में भीड़ और खराब व्यवस्था के कारण यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। लंबे समय से जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार की मांग उठती रही है। आरटीओ विभाग का कहना है कि नियम विरुद्ध और निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुकी बसों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही बस संचालकों को नई और फिटनेस मानकों के अनुरूप बसें संचालित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इनका कहना
Published on:
17 Apr 2026 09:03 pm
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