8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर की सात सडक़ों को बनाने नपा को नहीं मिल रहे ठेकेदार

- कायाकल्प अभियान अंतर्गत 2.35 करोड़ से सडक़ें बनना हैं, मार्च से अब तक चार बार हो चुकी टेंडर प्रक्रिया

3 min read
Google source verification
शहर की सात सडक़ों को बनाने नपा को नहीं मिल रहे ठेकेदार

हरदा. राज रेसीडेंसी होटल से एलआईसी तक बनने वाली सडक़ बदहाल हो गई।

हरदा. नगर पालिका ने प्रदेश से शहर की बदहाल सडक़ों का निर्माण करने के लिए राशि मांगी थी। जिस पर सरकार ने लगभग 2.35 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। नपा ने शहर की सात सडक़ों को बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन बीते दो महीने से इन सडक़ों को बनाने के लिए ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। नपा चार बार टेंडर प्रक्रिया कर चुकी है। मगर अब तक सडक़ों की निर्माण एजेंसी तय नहीं हो पाई है। आगामी जून माह से बारिश शुरू होगी, तब सडक़ों का निर्माण कैसे हो पाएगा। बारिश के पूर्व अगर शहर की सडक़ों को बनाया जाता तो नागरिकों को बदहाल रोडों से निजात मिलती, किंतु इस दिशा में ध्यान नहीं दिया गया।
मार्च महीने में लगा था पहला टेंडर, अब चौथा भी लगाया
उल्लेखनीय है कि कायाकल्प अभियान अंर्तगत नगर पालिका को शहर के विभिन्न जगहों पर सडक़ों का निर्माण करने के लिए सरकार से 2 करोड़ 35 लाख 68 हजार रुपए की राशि मिल चुकी है। हर सडक़ के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। दो महीने पहले यानी मार्च महीने में सडक़ों के निर्माण के लिए नपा ने टेंडर लगाए थे, जिसकी 16 मार्च को खोलने की तिथि थी। लेकिन किसी भी ठेकेदार ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। इसके बाद फिर से नपा ने दूसरा टेंडर लगाया, जिसमें भी कोई निर्माण एजेंसी ने टेंडर नहीं डाला। फिर तीसरी टेंडर प्रक्रिया हुई। इसमें बानापुरा की एक निर्माण एजेंसी ने भाग लिया था, जिसका ठेका होना लगभग तय गया हो गया था, मगर कुछ कारणों के चलते यह टेंडर भी निरस्त हो गया। अब नपा ने चौथा टेंडर निकाला। इसके खुलने की डेट 22 मई बताई जा रही है।
सडक़ों में हुए गड्ढों से बारिश में होगी आफत
नपा ने शहर की जिन सात सडक़ों को बनाने की योजना बनाई है, उनमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। अगर चौथे टेंडर में भी सडक़ों की निर्माण एजेंसी तय नहीं होती है तो जून माह में बारिश शुरू होने पर सडक़ों का निर्माण होना मुश्किल हो सकता है। वहीं बारिश में सडक़ों पर लोगों को आवागमन करने में परेशानियां होंगी। सडक़ों के गड्ढों में पानी भरने से हादसे बढ़ जाते हैं। लंबे समय से नपा ने इन सडक़ों के गड्ढों को भी नहीं भरा है। वर्तमान में ये गड्ढे बड़े आकार में हो गए हैं। वाहन चालक गड्ढों से बचने के चक्कर में गलत दिशा से वाहन निकालते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा बढ़ गया है।
शहर में इन सडक़ों का निर्माण होना है
1. राज रेसीडेंसी से रेलवे स्टेशन होते हुए बस स्टैंड के सामने से एलआईसी ऑफिस की पुलिया तक - 34.62 लाख
2. पोस्ट ऑफिस चौराहा से थाना कोतवाली चौराहा, नगर पालिका वाचनालय और नारायण टॉकीज तक - - 21.96 लाख
3. बलराम चौक से वीर तेजाजी चौक होते हुए जिला पंचायत पहुंच मार्ग तक - 25.89
4. वीर तेजाजी चौक से दीप कार्नर, प्रकाश टॉवर तक एवं दीप कार्नर से उत्कृष्ट विद्यालय तक - 39.74 लाख
5. नई सब्जी मंडी से डॉ. ओपी गुर्जर के क्लीनिक से नेहरु पार्क के कोने तक एवं डॉ. सुमित मोढ़ के क्लीनिक से इंदौर रोड तक - 17.74 लाख
6. टांक चौराहा से सेंट्रल बैंक होते हुए नूरी मस्जिद तक और सेंट्रल बैंक से सोनी की दुकान तक - 35.93 लाख
7. प्रताप टॉकीज से खेड़ीपुरा की मस्जिद तक कार्य - 23.68 लाख
--------------------------------
इनका कहना है
कायाकल्प अभियान अंतर्गत शहर में सात स्थानों की सडक़ों डामरीकरण किया जाना है। सडक़ों को बनाने के लिए ठेका देने तीन बार टेंडर प्रक्रिया की थी, लेकिन तीनों में कोई निर्माण एजेंसी तय नहीं हुई। अब फिर से चौथी बार टेंडर किए हैं, जो 22 मई को खुलेंगे। संभवत: इस बार सडक़ों को बनाने एजेंसी मिल जाएगी। इसके बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
शिवम चौरसिया, उपयंत्री, नगर पालिका, हरदा