
हरदा. एसएनसीयू वार्ड में बच्ची को उसकी मां को सौंपते डॉक्टर।
हरदा. जिला अस्पताल में खातेगांव तहसील की एक महिला को डिलेवरी हुई थी, लेकिन साढ़े छ: महीने में जन्मी बच्ची काफी कमजोर होने के चलते उसे एसएनसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती किया था। बच्ची की हालत देखकर मां-बाप ने उम्मीद खो दिए थे, मगर एसएनसीयू के डॉक्टरों एवं नर्सों ने उसकी बेहतर तरीके से देखभाल करते हुए इलाज किया। उनकी मेहनत रंग लाई और बच्ची स्वस्थ हो गई। गुरुवार को डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टॉफ ने बच्ची को उसके माता-पिता को सौंपा। बेटी को स्वस्थ पाकर उनकी आंखों से आंसू छलक गए।
जन्म के बाद से ही भर्ती करना पड़ा था
एसएनसीयू के प्रभारी डॉ. दीपक दुगाया ने बताया कि गत 22 दिसंबर 2022 को खातेगांव तहसील की शिवानी पति आनंद जाट निवासी गांव बरछा को डिलेवरी हुई थी, जिसमें उन्होंने साढ़े छ: महीने की बच्ची को जन्म दिया था, जिसका वजन करीब 700 ग्राम था। इसके चलते बच्ची को एसएनसीयू में भर्ती किया गया था। इस दौरान उसकी मां और पिता कुछ समय तक अस्पताल में रूके थे, लेकिन इसके बाद वे कभी-कभार ही आते थे। इस दौरान उन्होंने एवं नर्सिंग स्टॉफ ने बच्ची की मां की तरह देखभाल की। उसे पैकेट का दूध नियमित रूप से पिलाया गया। वहीं बच्ची का तापमान मेंटनेन किया और इंफेक्शन से बचाया गया। सभी की मेहनत से बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ हो गई। आज बच्ची का वजन 1 किलो 280 ग्राम हो गया। डॉ. दुगाया ने बताया कि बच्ची की मां शिवानी और पिता आनंद को बुलाकर उनके सुपुर्द किया गया। बेटी को गोद में लेकर मां शिवानी व पिता के आंखों से खुशी के आंसू निकल आए। उन्होंने एसएनसीयू के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टॉफ का धन्यवाद ज्ञापित किया। बच्ची को सौंपते समय जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. सनी जुनेजा, नर्स यशोदा चौकीकर सहित स्टॉफ मौजूद रहा।
Published on:
16 Mar 2023 09:28 pm
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