7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

130 साल पुराने इतिहास का गवाह है ये पुलिस स्टेशन, यहां आजादी के दीवानों ने लगाई थी आग

mp news: मध्य प्रदेश के रानीपुर गांव में बना पुलिस म्यूजियम 130 साल पुराने थाने की वीरगाथा समेटे है, जहां 1942 में आदिवासियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ चौकी को जला दिया था।

2 min read
Google source verification

बेतुल

image

Akash Dewani

Aug 13, 2025

ranipur police museum 130 year old history betul mp news

ranipur police museum 130 year old history betul (फोटो-सोशल मीडिया)

mp news:बैतूल के घोड़ाडोंगरी तहसील में स्थित रानीपुर गांव में मध्यप्रदेश का एकमात्र पुलिस-केंद्रित यूजियम है। इसके पीछे छिपा 130 साल पुराना इतिहास गर्व और वीरता की गाथा सुनाता है। यह यूजियम जिस भवन में बना है, वह 1895 में शाहपुर थाने के अंतर्गत रानीपुर चौकी के रूप में स्थापित हुआ था। यहां दर्ज पहली एफआईआर वर्ष 1900 में महज एक रुपए की चोरी की थी। रानीपुर का पुलिस यूजियम न केवल पुलिस इतिहास का संग्रहालय है, बल्कि यह आजादी की लड़ाई में आदिवासियों के साहस और बलिदान का प्रतीक भी है। (ranipur police museum)

1942 में स्वतंत्रता सेनानियों ने लगाई थी आग

ब्रिटिश शासन के खिलाफ में आंदोलन का बिगुल महेंद्रवाडी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने फूंका था। क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का प्रतिनिधित्व करने का काम वीर विष्णु सिंह गोड ने किया था। आजादी के आंदोलन में 22 अगस्त 1942 को महेंद्रवाड़ी गांव के वीर विष्णु सिंह गोंड के नेतृत्व में 300 से अधिक आदिवासियों ने इस चौकी पर धावा बोला था। कुल्हाड़ियों से हमला कर चौकी के पिछले हिस्से को आग के हवाले कर दिया गया था। ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन में महेंद्रवाड़ी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमिका अहम रही।

आज भी सुरक्षित है 83 साल पुरानी कुल्हाड़ी

वीर विष्णु सिंह गोंड के द्वारा रानीपुर चौकी पर हमला किया गया था जिसका प्रमाण वह लोहे की कुल्हाड़ी है जिसे यूजियम में आज भी सुरक्षित रखा गया है, जिससे 33 वर्ष पहले अंग्रेजों पर वार किया गया था। लाल बिल्डिंग की दीवारों पर अब भी हमले के निशान मौजूद हैं, जो उस दौर के संघर्ष और जज्बे की गवाही देते हैं। यहां ब्रिटिश शासनकाल में इस्तेमाल हुए हथियार, ताले, और चौकी की सामग्री सुरक्षित और चमकती हालत में प्रदर्शित हैं।