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बैतूल में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

-तापमान में भारी गिरावट, ट्रेनें घंटों लेट, किसानों और नागरिकों के लिए एडवाइजरी जार। बैतूल। मौसम में आए अचानक बदलाव के चलते जिले में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का असर तेज हो गया है। बीते दो दिनों से कोहरे और ठंड का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। सोमवार को दिनभर शीत […]

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-तापमान में भारी गिरावट, ट्रेनें घंटों लेट, किसानों और नागरिकों के लिए एडवाइजरी जार।

बैतूल। मौसम में आए अचानक बदलाव के चलते जिले में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का असर तेज हो गया है। बीते दो दिनों से कोहरे और ठंड का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। सोमवार को दिनभर शीत लहर चलने के कारण तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रविवार की तुलना में 2.3 डिग्री कम रहा। तापमान में आई इस अचानक गिरावट से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
घने कोहरे में ढका शहर
रविवार रात से ही जिले में कोहरा छाने लगा था, जो सोमवार सुबह तक और अधिक घना हो गया। कई इलाकों में दृश्यता घटकर 20 मीटर से भी कम रह गई। घने कोहरे के कारण सडक़ों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चलने को मजबूर रहे। सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले नौनिहालों को भी ठंड और कोहरे के बीच परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश के कई जिलों में ठंड को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन बैतूल जिले में अभी तक न तो छुट्टी की घोषणा की गई है और न ही स्कूल समय में कोई बदलाव किया गया है। कोहरे और शीतलहर का सीधा असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। भोपाल से बैतूल आने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं। अंडमान एक्सप्रेस करीब साढ़े पांच घंटे, भुसावल-गोंडवाना एक्सप्रेस तीन घंटे, जीटी एक्सप्रेस और दक्षिण एक्सप्रेस दो-दो घंटे जबकि त्रिकुलम एक्सप्रेस एक घंटे देरी से चली। नागपुर से भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेनों की गति भी प्रभावित रही।
किसान और आमजन के लिए एडवाजरी जारी
इधर शीतलहर और पाले की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है। विभाग के अनुसार जनवरी माह में शीतलहर के कारण रबी फसलों को नुकसान की आशंका रहती है। दलहनी, तिलहनी, धनिया, मटर और आलू की फसल पर पाले का अधिक असर पड़ता है। किसानों को रात में खेत की मेड़ों पर कचरा और खरपतवार जलाकर धुआं करने, हल्की सिंचाई करने और रस्सी से फसल को हिलाने की सलाह दी गई है, जिससे पाले से फसलों की सुरक्षा हो सके। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी शीतलहर को लेकर एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि अत्यधिक ठंड से हाइपोथर्मिया, त्वचा संबंधी समस्याएं और रक्त संचार प्रभावित होने का खतरा रहता है। बुजुर्गों, बच्चों, बीमार व्यक्तियों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।