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इंजेक्शन लगने के बाद दो घोड़ों की मौत, घोड़ा मालिक ने मांगा मुआवजा

पशु चिकित्सक की लापरवाही का आरोप, 7 से 8 लाख रुपए के नुकसान की बात। बैतूल। जिले के चिचोली क्षेत्र में पशु चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद दो घोड़ों की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद घोड़ा मालिक ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है। […]

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पशु चिकित्सक की लापरवाही का आरोप, 7 से 8 लाख रुपए के नुकसान की बात।

बैतूल। जिले के चिचोली क्षेत्र में पशु चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद दो घोड़ों की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद घोड़ा मालिक ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है। घोड़ों की मौत से प्रभावित परिवार को लगभग 7 से 8 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान होने की बात कही जा रही है।
घोड़ा मालिक जगदीश यादव के पास सफेद रंग के दो घोड़े थे, जिनका उपयोग मुख्य रूप से शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में किया जाता था। इन घोड़ों के जरिए ही उनके परिवार की आजीविका चलती थी। बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से दोनों घोड़ों की तबीयत ठीक नहीं थी, जिसके चलते वे उन्हें इलाज के लिए चिचोली के एक पशु चिकित्सक के पास लेकर गए थे। घोड़ा मालिक के अनुसार चिकित्सक ने घोड़ों का परीक्षण करने के बाद उन्हें इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के कुछ समय बाद ही दोनों घोड़ों की हालत अचानक बिगडऩे लगी। इनमें से एक घोड़े की चिचोली में ही मौत हो गई, जबकि दूसरा घोड़ा गंभीर हालत में जमीन पर गिर गया। दूसरे घोड़े को बचाने के लिए परिजन उसे तुरंत जिला पशु चिकित्सालय बैतूल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुछ ही घंटों के भीतर दोनों घोड़ों की मौत हो गई। घटना से आहत घोड़ा मालिक जगदीश यादव ने बताया कि दोनों घोड़े काफी कीमती थे और उनकी कीमत करीब 7 से 8 लाख रुपए थी। उन्होंने कहा कि घोड़ों की मौत से उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि यही उनकी आय का मुख्य साधन थे। घोड़ा मालिक ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
इनका कहना

  • तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाकर मृत घोड़ों का पीएम कराया गया था। घोड़ों के ब्लड सैंपल की जांच कराई गई। जांच में फैलेरिया पॉजिटिव पाया गया है। जिसकी वजह से घोड़ों की मौत हुई है। हमनें सैंपल भी जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा है। जिस डॉक्टर द्वारा इजेेक्शन लगाने की बात कही जा रही है वह भी पशु चिकित्सा विभाग में पदस्थ हैं।
  • सुरजीत सिंह राजपूत, उप संचालक पशु चिकित्सालय बैतूल।