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एमपी में गहराता जल संकट, कुएं में उतरकर बुझानी पड़ रही प्यास, सरकारी योजनाएं हो रही विफल

Water crisis: मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट गहराने लगा है। कुएं सूखने और जल जीवन मिशन की विफलता से लोग कुएं में उतरकर पानी निकालने को मजबूर हैं।

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बेतुल

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Akash Dewani

Mar 29, 2025

Water crisis has started deepening in the rural areas of Betul district of mp

Water crisis: अप्रैल का महीना अभी शुरू नहीं हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट के हालात बनने लगे हैं। भूमिगत जलस्तर में गिरावट के चलते कई गांवों में जलसंकट की स्थिति के चलते ग्रामीणों को कुएं में उतरकर प्यास बुझाना पड़ रही है। जबकि पीएचई विभाग जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रहा है लेकिन स्थिति यह है कि कई गांवों में योजनाओं का काम अधूरा है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।

जल जीवन मिशन की विफलता

ताजा मामला बैतूल के भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत डोक्या के ग्राम मेंढा का है, जहां ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए जान जोखिम में डालकर कुएं के नीचे उतरना पड़ रहा है। भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत डोक्या के 700 आबादी वाले ग्राम मेंढा में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने के साथ नल कनेक्शन किए गए हैं। दो साल हो गए हैं, लेकिन ग्रामीणों के घर पानी नहीं पहुंचा। गांव में मौजूद हैंडपंप पहले ही दम तोड़ चुके हैं।भैंसदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत केरपानी में जलस्तर गिरने से ट्यूबवैल बंद हो गया है। ग्रामीण खेत में मौजूद ट्यूबवैलों पर निर्भर हैं। सरपंच संतराम बारस्कर ने बताया कि ट्यूबवैल सूख जाने के कारण योजना पिछले दो महीने से बंद पड़ी है।

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मोटर और बिजली कनेक्शन की कमी

गांव में पीने के पानी के लिए किमी दूर पंचायती कुएं पर निर्भर होना पड़ रहा है। डीपी हैंडओवर नहीं होने से थ्री फेस मोटर नहीं डाली गई है। ग्रामीणों की मानें तो बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है जिससे परेशानी आ रही है। वहीं ग्रामीणों ने ट्यूबवैल में घरेलू कनेक्शन से सिंगल फेस मोटर डाली है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है।

अन्य विकासखंडों की स्थिति

गांव के पंचायती कुएं में भी जल स्तर पाताल में चला गया है। आमला विकासखंड के ग्राम मालेगांव में भी पानी का संकट था, जहां भूमिगत जलस्तर गिरने से नलजल योजना बंद हो गई थी। महिलाओं ने खाली कुप्पी लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया, जिसके बाद कलेक्टर ने ट्यूबवैल खनन के निर्देश दिए।

पीएचई विभाग का आश्वासन

अप्रैल में बोर खनन के लिए नए लक्ष्य मिलेंगे, तब जल संकट वाले गांवों में दोबारा ट्यूबवेल खनन कराया जाएगा। मनोज बघेल, ईई पीएचई विभाग बैतूल ने बताया कि ग्राम मेंढा की समस्या को दिखवाने इंजीनियर को भेजा जाएगा।