
दूल्हा दे रहा हरियाली का संदेश
बैतूल. शादी में हर किसी की इच्छा होती है कि वह अच्छे से अच्छा निमंत्रण कार्ड छपवाएं। कार्ड पर ही हजारों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं। इसके बाद भी यह कार्ड बाद में कचरे में ही जाते हैं। लेकिन हम बात कर रहे हैं शहर के ही रामनगर निवासी एक युवक की, जिन्होंने अपने शादी के निमंत्रण कार्ड को अनोखे रुप में छपवाया है।
गमले में पौधे लगाकर इस पर निमंत्रण कार्ड चस्पा किया है। इसे घर-घर बांटे जा रहे हंै। निमंत्रण कार्ड के साथ ही हरियाला का भी संदेश दिया जा रहा है। बैतूल रामनगर निवासी पाढर में विद्युत वितरण कंपनी में मीटर रीडर दूल्हे महेश पुण्डे ने अपनी शादी के कार्ड सामान्य नहीं बल्कि ग्रीन कार्ड पौधों के साथ छपवाए हैं। इन कार्डों में पौधे के साथ उसके गमले पर प्रिंट किए गए। मां शारदा सहायता समिति व ग्रीन आइडियल पुरस्कार प्राप्त शैलेन्द्र बिहारिया व नितेश मालवीय ने बताया कि इन कार्डों को बनाने में एक माह लगा है। ये कार्ड शादी की याद हमेशा नागरिकों को याद दिलाते रहेंगे। साथ ही घर पर हरियाली के रूप में घरों की शोभा बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि आज कल ई कार्ड की चलन है, लेकिन हम सभी ने मिलकर ग्रीन कार्ड तैयार किए हैं। ग्रीन कार्ड पाने वाली सुमन मिश्रा कहती है कि अपनी जिंदगी में ऐसा कार्ड पहली बार देखा है जो हमेशा घर पर रहेगा। आगंन की शोभा बढ़ाएगा।
नीलू मालवीय कहती है कि आज शादियों में 200 से 300 रुपए तक के महंगे कार्ड भी छपवाए जाते है जिन्हें रद्दी में फेंक दिया जाता है। महेश का विवाह 15 जून को बैतूल गंज में होने जा रहा है। महेश रक्तदान भी करते हैं। साथ ही ग्रीन इंडिया, कोरोना फ्री इंडिया मूवमेंट के समिति के अभियान से जुड़े हैं।
एक निमंत्रण कार्ड पर सौ से डेढ़ सौ खर्च
दूल्हे महेश पुंडे ने बताया कि गमले वाले एक निमंत्रण कार्ड पर सौ से डेढ़ सौ रुपए तक खर्च करना पड़ रहा है। पौधों की कीमत पर कार्ड की कीमत तय होती है। निमंत्रण पत्र का कोई खर्च नहीं है। उन्होंने बताया कि निमंत्रण कार्ड के लिए पहले से ही पौधों तैयार किए जा रहें। लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए सिर्फ ५० लोगों ही निमंत्रण कार्ड दिए जा रहे हंैं। गमलों में डेसिना, विद्या,हाइप्रस आदि के पौधे लगाए गए हैं।
Published on:
05 Jun 2020 10:08 pm
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