
प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका
Dowry And Harassment Case: जिला एवं सेशन न्यायालय ने बुधवार एक अहम फैसले में दहेज प्रताड़ना से परेशानी में महिला की मौत के मामले में आरोपी महिला के पति को दहेज हत्या के दुष्प्रेरण का दोषी करार मानकर आरोपी को 7 साल का कारावास सहित पचास हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
लोक अभियोजक राकेश खण्डेलवाल ने बताया कि न्यायालय में चार्ज शीट दायर के बाद न्यायालय में अभियोजन की ओर 19 गवाहों के न्यायालय में बयान लेखबद्ध कराए गए, वहीं 26 दस्तावेज न्यायालय में प्रदर्शित की गए। जिला एवं सेशन न्यायाधीश हेमराज गौड ने दनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त बलराम को 7 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50
हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
राजस्थान सरकार की ओर से लोक अभियोजक राकेश खण्डेलवाल ने पैरवी की तथा परिवादी की ओर से हरिकृष्ण शर्मा, देवेन्द्र सिंह सिनसिनवार ने पैरवी की। परिवादी भगवान दास ने 29 अगस्त 2017 को पुलिस थाना खोह में रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि उसकी पुत्री माया की शादी गांव खोह में बलराम के साथ और दूसरी पुत्री शकुन्तला की शादी सतीश के साथ हुई थी।
शादी के बाद अभियुक्त बलराम एवं उसकी मां लच्छो देवी, बहन गीता, भाई विनोद उसकी दोनों पुत्रियों के साथ मारपीट कर उन्हे तंग व परेशान करते थे, साथ ही दहेज में एक मोटर साईकिल और एक लाख इक्यावन हजार रूपए की मांग करते थे। माया को उक्त लोगों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया, जो परिवादी के पास रहने लगी।
27 अगस्त 2017 को खोह के मौजूदा व्यक्तियों के साथ बात कर अभियुक्त बलराम व सतीश राजीनामा करके स्वयं की जिम्मेदारी पर उसकी पुत्री माया को खोह लिवाकर ले गए। 28 अगस्त 2017 को उसके लडके रामकुमार के फोन पर किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि माया को मुलजिमानों ने जान से मार दिया है, जिस पर परिवादी व उसका पुत्र व गांव के मौजूदा लोग खोह पहुंचे, जहां उसकी पुत्री माया को खोह में बलराम व उसकी मां लच्छो, बहन गीता व भाई विनोद ने जान से खत्म करके उसकी लाश को फर्श पर पटक रखा था।
Published on:
26 Feb 2026 11:18 am
बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
