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मातम की गिरफ्त में गांव-चौपाल! आरोपी फरार

टंकी में डूबने से 15 वर्षीय कर्मवीर की मौत का मामला: घटना के 72 घंटे के बाद भी तीनों आरोपी गिरफ्त से बाहर

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मातम की गिरफ्त में गांव-चौपाल! आरोपी फरार

मातम की गिरफ्त में गांव-चौपाल! आरोपी फरार

नदबई. थाना क्षेत्र के गांव रायसीस में शुक्रवार दोपहर हुई दर्दनाक मौत में जलदाय विभाग के ठेकेदार एवं उसके पुत्रों की ओर से की गई लापरवाही से एक घर का चिराग बुझ गया। आलम यह है कि गांव में चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतक बच्चे कर्मवीर की मां और बहनों सहित परिवारजनों का रो रो कर बुरा हाल है। 20 मीटर ऊंची जलदाय विभाग की टंकी में जमे हुए कीचड़ की सफाई के लिए आरोपी ठेकेदार रमनलाल की ओर से 10 से 15 साल के 3 मासूमों को 100-100 रुपए का लालच दिया गया और उन्हें मौत के कुएं में उतारने वाला ठेकेदार और उसके दोनों पुत्र 72 घंटे निकल जाने के बावजूद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे घटित हुई घटना के बाद शनिवार समय तक तीनों आरोपी गांव में ही थे। लेकिन रविवार सुबह जानकारी हुई कि तीनों आरोपी गांव से फरार हो चुके हैं।
घर में मातम, पति के बाद खोया बेटा
कर्मवीर जब एक साल का था तो उसके पिता मान ङ्क्षसह की मौत हो गई थी। कर्मवीर की मां ओमवती (48) ने खेतिहर मजदूरी कर 5 बच्चों का लालन पालन किया। 3 बेटियों की 4 साल पहले शादी की। ओमवती और उसका बड़ा बेटा मजदूरी कर घर चलाते हैं। कर्मवीर सबसे छोटा और होनहार था। वह सबका लाड़ला था। आठवीं क्लास में पढ़ता था।शुक्रवार घर से 200 मीटर दूर टंकी में बेटे की मौत होने की खबर मिली तो ओमवती भागकर मौके पर पहुंची। जिस बेटे को हिदायतें देकर खेत पर गई थी, उसकी लाश ही टंकी से बाहर आई। मां ने कहा- खेत पर मजदूरी पर जाने से पहले उसे कहकर गई थी कि बेटा घर में रहना और पढ़ाई करना। लेकिन उसने बात नहीं मानी और दोस्तों के साथ खेलने चला गया। इसके बाद मां कुछ बोल नहीं पाई। तीनों बड़ी बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
कीचड़ की वजह से कर्मवीर को नहीं दिखा पाइप : कर्मवीर का शव निकालने वाले युवक सन्नी ने बताया कि टंकी के तल में इतना कीचड़ था कि सप्लाई का पाइप (जो सतह के तल में था) दिखाई नहीं दे रहा था। ठेकेदार ने बच्चों से कहा था कि पैर से टटोलकर पाइप का पता लगाओ और कीचड़ को साफ करो। कीचड़ को पानी में घोलकर ठेकेदार उसे सप्लाई के रास्ते बाहर निकालना चाहता था। ठेकेदार ने कहा भी था कि पानी सप्लाई करते हैं तो मिट्टी जाती है। इसलिए उसने बच्चों को 100-100 रुपए का लालच दिया। ठेकेदार रमनलाल खुद भी ऊपर गया था और बच्चों से कहा था कि कीचड़ में पंप की तलाश करो, वह कीचड़ में धंसा हुआ है, मिट्टी हटाओगे तो पाइप दिखेगा। उसने बच्चों से कहा था कि मैं नीचे जाता हूं, और वॉल्व चालू करता हूं, तुम मिट्टी को पैर से हटाना। ठेकेदार को वॉल्व को कम खोलना था, लेकिन उसने पूरा वॉल्व खोल दिया। ऐसे में कर्मवीर प्रेशर में फंस गया। सचिन और धीरू ने उसे खींचकर निकालने की कोशिश की लेकिन वे उसे नहीं निकाल पाए। बाद में मैं, मेरे पिता तोरन ङ्क्षसह, भूपेंद्र, संजय, ठेकेदार का बेटा यदुवीर ये लोग टंकी में उतरे। तब तक कर्मवीर की मौत हो चुकी थी।
इनका कहना...
टंकी लगभग 2 लाख लीटर की है और इसकी ऊंचाई 20 मीटर है। नदबई थाने में ठेकेदार रमनलाल, उसके बेटों यदुवीर और पुष्पेंद्र के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है।
रामवीर वर्मा, जेईएन जलदाय विभाग, नदबई
मामले में किसी भी आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। लगातार प्रयास जारी हैं, शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा ।
कैलाश बैरवा,थानाधिकारी नदबई