भरतपुर . वैर विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी बहादुर सिंह कोली के बिगड़े बोल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कोली बोलते नजर आ रहे हैं कि कलक्टर-एसपी और थानेदार तक पीटे हैं। वीडियो में यहां तक कहा कि जाटवों ने इसका वीडियो वायरल किया। इस दौरान वह कुछ गलत शब्दों का उपयोग भी करते नजर आए। भाजपा प्रत्याशी कोली के 37 सेकंड के वीडियो में वह प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ बिगड़े बोल बोलते नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम संबोधन के बीच उन्होंने यह बोल बोले। इस बीच उनके समर्थकों ने गिर्राज महाराज की जय के जयकारे भी लगाए। समर्थकों की हां में हां मिलाते हुए कोली यहां तक बोल गए कि ‘मुख्यमंत्री भी पीटौय’। भाजपा प्रत्याशी का इस तरह का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने इस पर विरोध जताया। एक समाज के लोगों ने इस मामले में कार्रवाई करने की मांग भी की। उधर, इस मामले में कोली के अमर्यादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर खबर रिटर्निंग अधिकारी वैर ललित मीणा ने संज्ञान लेते हुए भाजपा प्रत्याशी बहादुर सिंह कोली को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
पहले स्टिंग से कट चुका है सांसद का टिकट
इससे पहले भी वर्ष 2019 में बहादुर सिंह कोली स्टिंग मामले में फंस चुके हैं। इसके बाद उनकी सांसद की टिकट कट गई थी। इस स्टिंग में उन्होंने भाजपा की ओर से सांसद पद के प्रत्याशी को चुनाव लडऩे के लिए करोड़ों रुपए एंबुलेंस के माध्यम से आने की बात कबूल की थी। इसको लेकर उनकी काफी फजीहत भी हुई थी। इससे भी पहले भी लुधावई टोल प्लाजा पर सुरक्षाकर्मी को थप्पड़ जडऩे के बाद विवादों में आए थे।
सफाई में बोले, लात-घूंसे से नहीं, मतलब चुनाव हराना
बिगड़े बोल का वीडियो तेजी से वायरल होने और उसका विरोध होने के बाद कोली ने मीडिया को सफाई देते हुए कहा कि मेरा मतलब पीटने से लात-घूंसों से नहीं, बल्कि चुनाव हराने से है। इसे गलत तरीके से पेश किया गया है। कोली ने सफाई में कहा कि एक गांव में कार्यक्रम के दौरान पटेल बोले कि ‘एमपी साब आप सुस्त से कैसे हो, आपने तो अच्छे-अच्छों को पीटा है’। पीटने का मतलब कोई लात-घूंसा नहीं, बल्कि पटकनी देना और चुनाव हराना है। भाजपा ने मुझे पांचवीं बार टिकट दी है। इससे पहले डीएसपी हो, एसपी हो, चाहे कांग्रेस हो, उससे आईएएस, आईपीएस, आरएएस चुनाव लड़े, उनको पटकनी दी है, यानि हराया है। कोई लात-घूंसे नहीं दिए हैं। इसका गलत अर्थ निकाला गया है। मेरा मतलब चुनाव हराने से था। विरोधी तो आरोप लगाएंगे, उनको हार दिख रही है। कुछ न कुछ बहाना लगाएंगे। मैं देशी भाषा में कह रहा हूं कि मैं मंत्री को फिर पटकनी दूंगा, यानि हराऊंगा।