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मरम्मत स्वीकृति लेकर पक्की दुकान का किया निर्माण

-देवस्थान विभाग का मामला

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मरम्मत स्वीकृति लेकर पक्की दुकान का किया निर्माण

मरम्मत स्वीकृति लेकर पक्की दुकान का किया निर्माण

भरतपुर. देवस्थान विभाग के तहत आने वाले सैकड़ों मन्दिर ऐसे है जिनके नाम अपार सम्पदा और जमीन है। ऐसे में देवस्थान विभाग की ओर से उन जमीनों और उनके तहत बनी दुकानों कों न कुछ किराये पर लोगों को दे दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विभाग की आय बढ़ाना था लेकिन दूसरे रास्ते से विभागीय अधिकारियों ने मोटी रकम कमाने के चलते इन किरायेदारों से मिलकर अवैध रूप से पक्का निर्माण कराने की मौन स्वीकृति जारी कर दी।
देवस्थान के मन्दिर केवल जिले में ही ना होकर पूरे प्रदेश और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी स्थापित है इन्हीं में से एक है शहर के बीचों बीच स्थित गंगा मन्दिर जो विभागीय दस्तावेजों में करीब कई एकड़ में फैला हुआ है। जिसके तहत चौबुर्जा, गंगा मन्दिर, लोहा बाजार और बुद्ध की हाट का भी क्षेत्र शामिल है। इस मन्दिर के तहत रियासतकाल से ही सैकड़ों दुकानें शामिल है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में चौबुर्जा स्थित गणेश मंदिर का सामने आया है जहां देवस्थान विभाग की ओर से कई दशकों से दुकान कर रहे एक दुकानदार को विभाग ने टीन शेड बदलवाने की स्वीकृति जारी की थी लेकिन दुकानदार ने विभागीय अधिकारियों से सांठगाठ कर टीन शेड बदलवाने की आड़ में एक नई दुकान का पक्का निर्माण कर दिया। इससे चौराहे पर स्थित रियासतकालीन गणेश मन्दिर का मूल स्वरूप ही खतरे में आ चुका है। इस सम्बन्ध में गत 25 अगस्तको विभाग के सहायक आयुक्त के के खण्डेलवाल से जब दूरभाष पर वार्ता की गई तो उन्होंने दुकानदार को केवल मंदिर के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करते हुए जीर्णोद्धार कराने की स्वीकृति जारी करना बताया। वहीं विभागीय निरीक्षक से मौका मुआयना कर अपनी देखरेख में काम पूरा कराने की बात भी कही, लेकिन इस बाद निर्माण कार्य ने और गति पकड़ ली। यह कोई पहला मामला नही है इससे पहले भी विभाग के आला अधिकारी ऐसा कारनामा कर चुके हैं।

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