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विटामिन और आयरन की पूर्ति से कोरोना मुक्त…

भरतपुर. कोरोना का 'रोनाÓ बयाना के ग्यारह वर्षीय बालक के लिए जी का जंजाल बन गया था। अब कोरोना का 'रोनाÓ बंद हैं।

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विटामिन और आयरन की पूर्ति से कोरोना मुक्त...

विटामिन और आयरन की पूर्ति से कोरोना मुक्त...

भरतपुर. कोरोना का 'रोनाÓ बयाना के ग्यारह वर्षीय बालक के लिए जी का जंजाल बन गया था। अब कोरोना का 'रोनाÓ बंद हैं। हालांकि, जयपुर में लगातार दो सैम्पल नेगेटिव आने के बाद एक जून को छृट्टी दे दी गई। इससे पहले जयपुर के अस्पताल में बालक की जांच में विटामिट-सी और डी व आयरन, जिंक, फेरेटिन सीरम की कमी आई थी, जिसकी दवा खिलाने के बाद 13वां व 14वां सैम्पल नेगेटिव आया था। इस आधार पर बालक को छुट्टी दी गई, लेकिन लगातार कोरोना पॉजिटिव आने की मुख्य वजह पूना स्थित राष्ट्रीय विषाणु संस्था की रिपोर्ट पर निर्भर है जिस पर दिल्ली एम्स और जयपुर के चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ स्टीड करेंगे और जरुरत पड़ी तो बालक को बुलाएंगे।

स्थिति ये थी कि बालक की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रहीं थीं, लेकिन कोरोना संक्रमण का कोई भी लक्षण नजर नहीं आ रहा था। बावजूद इसके बालक 14 अपे्रल से एक जून तक 49 दिन भरतपुर और जयपुर के कोविड- 19 वार्ड में भर्ती रहा। इस दौरान बालक के छह सैम्पल जयपुर में पॉजिटिव, सातवां भरतपुर के मेडिकल कॉलेज में नेगेटिव आया। भरतपुर से 12 मई तक 02 सैम्पल जयपुर भेजे गए, जो पॉजिटिव आए। इसे जयपुर रैफर कर दिया, जहां 10वां सैम्पल पॉजिटिव आया था।


इसके बाद जयपुर में 11वीं रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। क्योंकि, जयपुर के विशेषज्ञों ने बालक को रिटोनाविर व लोकिनाविर की दवाई दी थी, जिससे 11वीं रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। लेकिन, इसके बाद 12वां सैम्पल पॉजिटिव आया है। इसने चिकित्सकों को हैरान कर दिया था। इसके चलते केस पर स्टडी करने लिए जांचें पूना की राष्ट्रीय लैब में भेजी दी। इस असमंजस की स्थिति में विशेषज्ञों ने बालक की जयपुर में पुन: जांच करवाई। जांचों के आधार पर बालक में विटामिट-सी और डी व आयरन, जिंक, फेरेटिन सीरम व अन्य कमीं पाई गई थीं। इसकी दवा खिलाने के बाद 13वां व 14वां सैम्पल भेजा गया, ये दोनों ही नेगेटिव आए थे। इस आधार पर बालक को एक जून को छुट्टी दी गई, लेकिन लगातार कोरोना पॉजिटिव आने की मुख्य वजह पूना स्थित राष्ट्रीय विषाणु संस्था से रिपोर्ट आने पर पता चलेगी।


पूना से रिपोर्ट आने में समय लगेगा। रिपोर्ट आने पर जयपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक व एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों से परामर्श लेंगे। फिलहाल पूना स्थित नेशनल बायरोलॉजी लैब(राष्ट्रीय विषाणु संस्था) में ब्लड, यूरिन, मल, नोजल स्वेव, थ्रोट स्वेव की जांच भेजी हैं। वहीं कौनसा वायरस, शरीर में हैं। कोई कमी तो नहीं आदि जांच भी होंगी। क्यों नहीं खत्म हो रहा था। अगर, अन्य कोई वायरस है तो वह कौनसा है। इसकी जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।

सीएमएचओ भरतपुर डॉ. कप्तान सिंह का कहना है कि लगातार कोरोना पॉजिटिव रहे बयाना के बालक की जयपुर में हुई जांच में विटामिन, जिंक, आयरन, फेरेटिन सीरम आदि की कमीं आई थी। दवाई दी तो 13वां व 14वां सैम्पल नेगेटिव आया था। फिलहाल उसे छुट्टी मिल गई है। जांचें व सैम्पल पूना स्थिति राष्ट्रीय लैब में भी भेजे हैं। क्योंकि, ऐसा कौनसा वायरस है जो लक्षण नहीं होने पर भी पॉजिटिव आ रहा था। रिपोर्ट आने पर स्टडी की जाएगी।

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