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सरकारी अस्पताल के चिकित्सक ने पहले शव को रैफर किया, परिजन वापस लाए तो कर दिया वार्ड में भर्ती

भरतपुर. doctor admitted dead body to ward of rbm hospital संभाग के सबसे बड़े अस्पताल आरबीएम के चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। अस्पताल में गुरुवार को एक मृतक को चिकित्सक व स्टाफ पहले तो उसे रैफर कर दिया, जैसे ही परिजनों को व्यक्ति की मौत होने का पता चला तो वापस ट्रोमा सेंटर लाए। फिर भी चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित करने के बजाय शव को फिर से वार्ड में भर्ती कर दिया।

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Doctor admitted dead body to ward of rbm hospital

सरकारी अस्पताल के चिकित्सक ने पहले शव को रैफर किया, परिजन वापस लाए तो कर दिया वार्ड में भर्ती

भरतपुर. doctor admitted dead body to ward of rbm hospital संभाग के सबसे बड़े अस्पताल आरबीएम के चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। अस्पताल में गुरुवार को एक मृतक को चिकित्सक व स्टाफ पहले तो उसे रैफर कर दिया, जैसे ही परिजनों को व्यक्ति की मौत होने का पता चला तो वापस ट्रोमा सेंटर लाए। फिर भी चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित करने के बजाय शव को फिर से वार्ड में भर्ती कर दिया। परिजन शव को लेकर अस्पताल में इधर-उधर भटकते रहे। आखिर में परिजनों के विरोध करने पर एक घंटा बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। वहीं अस्पताल के पीएमओ का कहना है कि जो चिकित्सक ट्रोमा में लगा हुआ था वो नया आया है और उसे प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। स्टाफ ने भी उसे सही गाइड नहीं किया।


असल में गांव जघीना निवासी बदन सिंह (45) अचानक चलते हुए रास्ते में बेहोश हो गया। वहां से गुजर रहे लोगों ने उसे आरबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती करा दिया, जहां उसकी मौत हो गई। लेकिन फिर भी वहां तैनात चिकित्सक ने चेकअप करने के बाद उसे रेफर कर दिया और परिजनों ने एम्बुलेंस किराए पर लेकर जयपुर ले जाने लगे। लेकिन तभी एम्बुलेंसकर्मी ने उसे देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने भी देखा तो बदन सिंह की सांसें नहीं चल रही थीं। इस पर परिजन उसे वापस ट्रोमा सेंटर लेकर पहुंचे और चिकित्सकों को कहा कि वह तो मर चुका है। इसके बाद भी चिकित्सक ने उसे मृत घोषित करने की बजाय अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर दिया। इतना ही नहीं बल्कि बदन सिंह के शव को अन्य वार्ड में भर्ती कर दिया और परेशान परिजन शव को लेकर अस्पताल में भटकते रहे। बाद में जब परिजनों ने विरोध जताया तो चिकित्सकों ने खानापूर्ति कर एक घंटे बाद में उसे मृत घोषित किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया।


चिकित्साकर्मियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम के बारे में अस्पताल पीएमओ डॉ. केसी बंसल का कहना था कि ट्रोमा में जो चिकित्सक ड्यूटी पर था, वह नया आया है। उसको अभी इन चीजों के बारे में जानकारी नहीं थी और जो नर्सिंगस्टाफ लगे हुए थे, उन्होंने उसे सही तरीके से गाइड नहीं किया। इस वजह से इसमें समय लग गया। डॉ. बंसल ने लापरवाही बरतने वाले चिकित्साकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।