भरतपुर

नवाचार: कच्ची बस्तियों में बच्चों के लिए शिक्षा व पोषण पर किया जाएगा फोकस

-लुपिन विद्या ज्योति इंडिया के सहयोग से शुरू किया कार्यक्रम

2 min read
Aug 17, 2020
नवाचार: कच्ची बस्तियों में बच्चों के लिए शिक्षा व पोषण पर किया जाएगा फोकस

भरतपुर. विद्या ज्योति इण्डिया यूके आधारित पब्लिक चैरिटी संगठन के माध्यम से लुपिन फाउंडेशन ने एक नवाचार परियोजना एक जुलाई 2020 से शुरू की है। इसके तहत शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार के सहयोग से जिले के सेवर ब्लॉक की चयनित 32 ग्राम पंचायतों के गांवों में सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे कक्षा एक से आठ तक के करीब 2500 गरीब, निर्धन बच्चों को नि:शुल्क उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, पोषण एवं स्वच्छता के अनुकरणीय कार्यक्रम संचालित शुरू किए हैं। इसके अतिरिक्त भरतपुर शहर के 22 चिन्ह्ति कच्ची बस्ती क्षेत्रों में भी करीब एक हजार निर्धन व असहाय परिवारों के बालक-बालिकाओं के लिए इन सभी मूलभूत सुविधाओं पर नवाचार पहल के रूप में लुपिन ने कार्य का आगाज कर दिया है।
संस्था के अधिशाषी निदेशक सीताराम गुप्ता ने बताया है कि विद्या ज्योति इण्डिया की अध्यक्षा डॉ. पामेला कौशल एवं कोषाध्यक्ष विशाल भारद्वाज के तकनीकी व वित्तीय सहयोग से लुपिन संस्था की ओर से अब तक 12 ग्राम पंचायतों के लिए योग्य लाभार्थी बच्चों का चयन कर लिया है जिनको ग्राम पंचायत की ओर से दिए गए अस्थाई शिक्षण स्थलों पर प्रतिदिन तीन घंटे दोपहर-शाम को गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान, व्यक्तित्व विकास व अन्य नैतिक शिक्षा संबंधी विषयों पर स्थानीय प्रशिक्षित अध्यापकों की ओर से शिक्षण कराया जाएगा, इससे कि इन बच्चों में गतिविधि आधारित सीख के माध्यम से मौलिक आधारित ज्ञान उपलब्ध कराया जाएगा और ये बच्चे भविष्य में मौलिक शिक्षा के आधार पर अपने शिक्षा कैरियर को संवारेंगे। गुणवत्तायुक्त शिक्षा से वंचित इन सभी गरीब बच्चों को प्रतिदिन शिक्षा के अलावा स्वच्छता व सुपोषण संबंधित कार्यक्रम जैसे कि बच्चों को टूथब्रश कराना, नाखुन काटना, स्वच्छ कपड़े पहनना, सुरक्षित पानी का उपयोग करना, प्रतिदिन स्नान करना इत्यादि क्रियाएं कराकर एक उत्कृष्ट जीवन जीने की कला सिखाई जाएगी। साथ ही बच्चों को पौष्टिकता के लिए दूध, केले, बिस्किट भी शिक्षा के दौरान प्रदान किए जाएंगे। इसी प्रकार संस्था के क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबन्धक डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि जिले के चयनित 75 स्थानीय अध्यापकों का 30 दिवसीय ऑनलाइन शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 जुलाई 2020 से शुरू किया गया, इससे कि ये प्रशिक्षित शिक्षक अगले माहों में विद्यालयों के खुलने के बाद चयनित गरीब बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करेंगे। ये शिक्षक विद्यालय समय के बाद गरीब व कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त पठन-पाठन कराएंगे ताकि ये विद्यार्थी अपनी योग्यता का परिचय बेहतर कॅरियर निर्माण में दे सकें। इसके अतिरिक्त विद्या ज्योति इण्डिया यूके की डॉ. पामेला कौशल ने शिक्षा के अतिरिक्त सुपोषण व स्वच्छता पर भी कार्यक्रम का नवाचार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दिनांक 12 अगस्त से जिले की रणजीत नगर कच्ची बस्ती एवं रूंध इकरन ग्राम के आजाद नगर कच्ची बस्ती में 700 गरीब व कुपोषित बच्चों के लिए शुरू किया गया है।

बच्चों को मिलेगा जरुरत का सारा सामान

संस्था के शिक्षा कार्यक्रम प्रभारी पुनीत गुप्ता ने बताया कि शिक्षा व सुपोषण के साथ ही फाउंडेशन ने कोरोना वैश्विक महामारी के चलते स्वच्छता पर भी विशेष जोर देते हुये सभी बच्चों को उच्च गुणवत्तायुक्त मास्क व सैनेटाइजर, हाथ धोने के साबुन, टूथपेस्ट, ब्रुश, चप्पलें भी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही जरुरतमंदों को सूखी खाद्य सामग्री व मकानों पर वर्षा से बचाव के लिए त्रिपाल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विद्याज्योति इण्डिया लुपिन फाउंडेशन के सहयोग से जिले में सभी शारीरिक व मानसिक रोगों से ग्रसित दिव्यांगजनों के लिए भी डे-केयर सेन्टर शहर में स्थापित किए जाएंगे।

Published on:
17 Aug 2020 02:44 pm
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