
Heeralal Samariya Profile : डीग जिले के पहाड़ी कस्बे के रहने वाले हीरालाल सामरिया को भारत का मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया है। इससे परिवार व क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा। उनके परिवार में शुरू से परिवार के लोगों ने शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया और अपनी मेहनत व लगन से उच्च पदों पर रहते हुए बड़ा मुकाम हासिल किया।
हीरालाल सामरिया के घरेलू शख्स विष्णु पाठक ने बताया कि हीरालाल सांवरिया का जन्म 1961 में पहाड़ी में ही हुआ था। उनके पिता नत्थीलाल सामरिया राजस्थान पुलिस में आरपीएस रहे थे। इसलिए उनकी नौकरी राजस्थान में जगह-जगह ज्यादातर बाहर रही। इसके कारण हीरालाल सामरिया ने भी अपनी शिक्षा बाहर से प्राप्त की। हीरालाल सामरिया के पिता नत्थीलाल सामरिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से रिटायर्ड हुए। वर्ष 2000 में वह नगर पंचायत समिति से सदस्य का चुनाव लड़े और डटकर अपने प्रतिद्धंदी से मुकाबला जीत गए। तीन वर्ष बाद नत्थीलाल सामरिया का स्वर्गवास हो गया। हीरालाल सामरिया का परिवार उनके साथ ही रहता है। उनका बेटा पीयूष सामरिया राजस्थान में आईएएस व पुत्र वधु मोनिका आयकर विभाग में कमिश्नर हैं। एक बेटी पल्लवी है वह डॉक्टर है।
उनके पड़ोसी ओमप्रकाश ने बताया कि आज भी पहाड़ी कस्बे में हीरालाल सामरिया के मकान व कृषि भूमि है। बताते हैं कि जिस समय हीरालाल आईएएस बने थे, उस समय पहाड़ी कस्बे से अलवर जयपुर जाने के लिए ना तो साधन थे और सड़के थी। सात से आठ घंटे जयपुर जाने में लग जाते थे। हीरालाल ने चित्तौडगढ़ से सिविल इंजीनियर की पढ़ाई की। इसके बाद वह आईएएस की परीक्षा में बैठे और उनका आंध्रा कैडर में चयन हो गया। इसके बाद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय दिल्ली में सचिव रहे।
आठ महीने पहले आए थे पहाड़ी
आठ महीने पहले हीरालाल ने पहाड़ी में उनके परिवार में हुए शादी समारोह में शिरकत की थी। 1985 के बैच में वह आईएएस बने। पहाड़ी के आसपास के इलाकों में उन्हें सभी लोग जानते हैं। हीरालाल सामरिया को भारत का मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया है। इससे पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। हीरालाल सामरिया ने बृज मेवात क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
Updated on:
07 Nov 2023 10:46 am
Published on:
07 Nov 2023 10:45 am
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