घाटमीका गांव के नासिर और जुनैद के परिजनों को राज्य सरकार आर्थिक मदद देगी। यह घोषणा गुरुवार को मृतकों के गांव पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की। नासिर और जुनैद की हरियाणा के लोहारू में जलाकर हत्या कर दी गई थी।
कामां (भरतपुर)। घाटमीका गांव के नासिर और जुनैद के परिजनों को राज्य सरकार आर्थिक मदद देगी। यह घोषणा गुरुवार को मृतकों के गांव पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की। नासिर और जुनैद की हरियाणा के लोहारू में जलाकर हत्या कर दी गई थी। सीएम गहलोत ने कहा कि जुनैद की पत्नी, छह बच्चों एवं नासिर की पत्नी को पांच-पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। एक-एक लाख रुपए नगद तथा चार-चार लाख रुपए की एफडी कराई जाएगी। जब बच्चे बड़े होंगे तो इनकी पढ़ाई सहित शादी-विवाह में यह पैसा काम आएगा। उन्होंने कहा कि परिवार के लोगों ने अपनी तरफ से कोई भी मांग नहीं रखी है। परिवार के लोगों ने कहा कि आप ही देख लीजिए क्या करना है। यह मृतक के परिजनों का बड़प्पन है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने घाटमीका में मृतक नासिर और जुनैद के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और कहा कि यह दुखद घटना है। इससे बड़ी घटना राजस्थान के लिए और क्या हो सकती है। घटना को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री से संपर्क किया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को पकड़वाने में पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन अभी तक घटना को अंजाम देने वाले पकड़े नहीं गए। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री से इस घटना को ज्यादा गंभीरता से लेने की बात कही।
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से उदयपुर घटना की चर्चा थी, उसी तरीके से घाटमीका की घटना भी पूरे देश में चर्चित हुई है। उदयपुर की घटना में इतना फर्क है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे केन्द्र सरकार की एजेंसी एनआईए ने ले लिया। उदयपुर और और घाटमीका की घटना दोनों अलग-अलग तरीके की घटना है। घाटमीका की घटना को किसी भी कीमत पर कम नहीं आंका जा सकता।
उदयपुर की घटना आतंकी घटना थी। वहां भी एक इंसान खत्म हुआ और घाटमीका में भी दो इंसानों की मौत हुई। ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए तय किया गया है कि जांच के दौरान मजबूती से साक्ष्य जुटाएं और कानूनी एडवाइज लेकर न्यायालय में भी मजबूती से सजा दिलवाई जाए।
उन्होंने कहा कि मृतक नासिर और जुनैद के परिवार के लोगों से मुलाकात की गई। परिवार के लोगों के दर्द की कोई सीमा नहीं है। फिर भी उन लोगों ने सरकार पर जो विश्वास किया है, वह कम नहीं है। घटना होते ही जयपुर में उनसे मुलाकात की गई थी और लोगों को विश्वास दिलाया था। आज भी लोगों का विश्वास ऐसे ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में परिवार के लोगों के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
ये भी रहे मौजूद
सीएम के साथ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, मुख्य सचिव उषा शर्मा, डीजीपी उमेश मिश्रा, कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान, मेवात विकास बोर्ड के अध्यक्ष जुबेर खान आदि मौजूद रहे। इसके अलावा एडीजी क्राइम दिनेश एनएम, भरतपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव एवं एसपी श्याम सिंह आदि भी मौजूद रहे।