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सुबह वीकेंड की, समय 10 बजे…जब एकाएक देश-दुनियां की रडार पर आ गया भरतपुर

Morning of the weekend, time 10 o'clock... Bharatpur suddenly came on the radar of the country and the world. शनिवार सुबह 10 बजे क्रैश हुआ फाइटर प्लेन सुखोई 30 ने भरतपुर को जानने को मजबूर कर दिया। घटना स्थल के बारे में जानकारी जुटाई जाने लगी।

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सुबह वीकेंड की, समय 10 बजे...जब एकाएक देश-दुनियां की रडार पर आ गया भरतपुर

सुबह वीकेंड की, समय 10 बजे...जब एकाएक देश-दुनियां की रडार पर आ गया भरतपुर

-विंग्स टूटने से क्रैश सुखोई 30 भरतपुर में जा गिरा
-जिसके बाद से भरतपुर की जानकारी जानने में जुटे लोग
भरतपुर. शनिवार सामान्य था। कोई खेती के काम में जुटा था तो कोई पशुओं की देखभाल कर रहा था। अचानक गांव के पास एक विमान बहुत नीचे से उड़ता दिखा तो ग्रामीण कौतूहलवश उसे देखने लगे। लोगों की नजरें उठी ही थीं कि विमान तेजी से नीचे गिरा और धमाके की आवाज ने गांव में एकबारगी चीख-पुकार मचा दी। लोगों ने अपने पशुओं को खोलकर भगा दिया और खुद गांव से बाहर की ओर दौड़ पड़े। कोई समझ ही नहीं सका कि यह क्या हुआ। धूल का गुबार थमा तो लोग डरते-डरते विमान के पास पहुंचे। विमान जल रहा तो यह सूचना भी आग की माफिक फैली। हर कोई घटनास्थल की ओर दौड़ता नजर आया। आंखों देखी बयां करने वाला राजस्थान (Rajasthan) का भरतपुर (Bharatpur) एकाएक देश-दुनियां की रडार पर आ गया। शनिवार सुबह 10 बजे क्रैश हुआ फाइटर प्लेन सुखोई 30 (sukhoi 30) ने भरतपुर को जानने को मजबूर कर दिया। घटना स्थल के बारे में जानकारी जुटाई जाने लगी। और इसके साथ ही सोशल मीडिया व्यस्त रहने लगा।


तेज आवाज और धुएं का गुब्बार, भूकंप तो नहीं आया
तेज धमाके के साथ प्लेन के गिरने से एकाएक धूल का गुब्बार छा गया। आसपास मौजूद लोगों में दहशत सी फैल गई। लोगों के समझ तक नहीं आया कि क्या हुआ। कई ग्रामीणों को यह भकूंप तक लगा।


15 मिनट पास तक नहीं फटका कोई
गांव में दहशत इस कदर थी कि लोग 15 मिनट तक क्रैश स्थल तक नहीं पहुंचे। धीरे-धीरे जब धुएं के गुब्बार कम हुए तो लोगों ने दूर से वहां देखने की हिम्मत जुटाई।


पहले हेलिकॉप्टर...फिर सच आया सामने
खबर लगते ही सबसे पहले हेलिकॉप्टर के क्रेश होने की बात फैली। प्रशासन और दूसरे सूत्रों से भी पहले पता नहीं चल पा रहा था। अधिकारिक पुष्टि नहीं होने से लोग अपने अपने कयास लगाते नजर आए। गांव वालों के ुलिए तो यह जहाज से ज्यादा कुछ नहीं था।


खबर लगने के साथ ही पुरानी तस्वीरें वायरल
शुरुआत में रक्षा मंत्रालय या सेना की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। काफी समय तक क्रैश स्थल, समय या क्षति को लेकर काफी भ्रान्ति फैली हुई थी। इस दौरान सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरें भी खूब वायरल हुईं।


यहां से गुजरते हैं फाइटर प्लेन
जिले से उत्तरप्रदेश व हरियाणा की सीमा के साथ पास में ही मध्यप्रदेश भी है। ऐसे में आगरा, मथुरा, दिल्ली के अलावा ग्वालियर से भी उड़ान भरकर विमान इस इलाके से होकर निकलते हैं। 17 अगस्त 2020 को भी भरतपुर जिले में तकनीकी खराबी के कारण आर्मी के हेलिकॉप्टर को एक खेत में उतारा गया था। करीब 15 मिनट बाद हेलिकॉप्टर दुबारा से गंतव्य के लिए रवाना हुआ था। साथ ही ट्रेङ्क्षनग के लिए भी पायलट इस रूट से होकर ही निकलते हैं। क्योंकि इस इलाके से ही एयर रूट भी निर्धारित है। बताते हैं कि क्रेश हुए दोनों विमान बॉङ्क्षम्बग एक्सरसाइज के लिए रवाना हुए थे।

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