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नए मेयर साहब और नई कार…हर पांच साल में 10 लाख की गाड़ी खराब

सपना या हकीकत...नगर निगम पहली बैठक के एजेंडा में शामिल होंगे 32 प्रस्ताव, 18 दिसंबर की जगह अब 20 दिसंबर को होगी शहरी सरकार की बैठक, मेयर के लिए नई कार खरीदने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा

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नए मेयर साहब और नई कार...हर पांच साल में 10 लाख की गाड़ी खराब

नए मेयर साहब और नई कार...हर पांच साल में 10 लाख की गाड़ी खराब

भरतपुर. यह सपना है या हकीकत...इसका परिणाम तो समय बताएगा, लेकिन नगर निगम की ओर से नए बोर्ड की पहली बैठक अब 18 दिसंबर के स्थान पर 20 दिसंबर को दोपहर दो बजे नगर निगम सभागार में की जाएगी। पहली बैठक के एजेंडा में 32 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। बताते हैं कि मेयर की ओर से बैठक में तीनों मंत्रियों को बुलाने की भी कोशिश की गई है। इसमें एक मंत्री के 18 दिसंबर को किसी कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण आनन-फानन में बैठक दो दिन बाद करना तय किया गया। इतना ही नहीं सभी से बात करने के बाद ही एजेंडा तय किया गया है। हालांकि शहरी सरकार की पहली बैठक का एजेंडा आगामी पांच साल तय करेगा, इसलिए यह बैठक सही मायने में बहुत खास होगी। निगम प्रशासन की ओर से 65 पार्षदों के बैठक व्यवस्था को लेकर भी तैयारी कर ली गई है। क्योंकि अब तक नगर निगम के सभागार में 50 पार्षदों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन अब 15 पार्षद बढऩे के कारण बैठक व्यवस्था भी वर्तमान संख्या के आधार पर की जा रही है।
हर पांच साल में नया मेयर और नई गाड़ी
नगर निगम में अब परंपरा शुरू हो चुकी है कि हर पांच साल में नया मेयर और नई गाड़ी। क्योंकि शिवसिंह भोंट के 2014 में मेयर बनने के बाद पहली बैठक 18 दिसंबर 2014 को हुई, इसमें 12 प्रस्ताव शामिल किए गए थे। साथ ही महापौर के लिए टाटा सफारी ई-एक्स-1 का प्रस्ताव भी लिया गया था। नई गाड़ी को लेकर काफी विवाद भी हुआ था, लेकिन अंत में प्रस्ताव पारित कर साढ़े 10 लाख रुपए की गाड़ी क्रय की गई थी। अब वह गाड़ी एक लाख 80 हजार किलोमीटर से अधिक चल चुकी है। इसलिए नई गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है।
एजेंडा में ये प्रस्ताव है शामिल
-भरतपुर शहर का व्यवस्थित ढंग से सर्वेतोमुखी विकास करने के लिए किसी प्रतिष्ठित संस्था/कंपनी/फर्म से एक व्यापक योजना तैयार कराने पर विचार।
-नगर निगम की सभी गतिविधियों पर कम्प्यूटराइजेशन कराकर पेपरलेस कार्यालय बनाने पर विचार।
-पब्लिक-प्राइवेट-प्यूपल पार्टनरशिप की परिकल्पना को अमल में लाने के लिए हर वार्ड में वार्ड कमेटी तथा महापौर का सलाहकार मंडल गठित करने पर विचार।
-वार्ड में सफाई कर्मचारी, सेनेटरी इंस्पेक्टर्स तथा अन्य कर्मचारी एवं निगम कार्यालय में कर्मचारी तथा अधिकारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक्स मशीन को उपयोग में लाने पर विचार।
-निगम की खुद की आय के स्त्रोत विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने के लिए निगम की संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग करने तथा निगम के क्षेत्राधिकार में आने वाले टैक्स रेवेन्यू पर विचार।
-निगम की संपत्तियों को चिन्हित करने के लिए गिरदावर तथा पटवारियों की संविदा पर नियुक्त करने पर विचार।
-निगम के नए सदन तथा ऑफिस परिसर के निर्माण के लिए यूआईटी से आवश्यक भूमि आवंटन की कार्यवाही शुरू करने पर विचार।
-अम्बेडकर वार्ड विकास योजना के तहत अनुसूचित जाति के 60 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले वार्ड में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर विचार।
-भरतपुर शहर के विकास के संबंध में विभिन्न एजेंसी, खासतौर से निगम तथा यूआईटी के ओवरलैपिंग अधिकारों तथा अविकसित तथा अनियमित कॉलोनियों को निगम को हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाने, नगर विकास न्यास की ओर से हस्तांतरित कॉलोनियों के डवलपमेंट चार्ज की शेष रही 15 प्रतिशत राशि नगर विकास न्यास से प्राप्त करने पर विचार।
- शहर के मुख्य चौराहे, जंक्शन पर महापुरुषों की आदमकद अष्टधातु की मूर्ति लगाकर उनके रख-रखाव की जिम्मेदारी प्रतिष्ठित संस्थानों को गोद देने पर विचार।
-प्रदर्शनी ग्राउंड के सामने हीरादास कुंडे की मिलकियत संबंधी वस्तुस्थिति सुनिश्चित कर उस स्थान पर कोई वाटर बॉडी जैसे स्विमिंग पूल या लेक विकसित करने पर विचार।
-वैकल्पिक शिक्षा पद्धति के तौर पर मोंटेसरी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूल, ट्रेनिंग तथा रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना करने के लिए डायरेक्टर, डायरेक्ट्रेस की संविदा पर नियुक्ति पर चर्चा तथा आवश्यक भूमि अवाप्ति के लिए प्रक्रिया शुरू करने पर विचार।
-ग्रीन भरतपुर, क्लीन भरतपुर तथा स्वस्थ भरतपुर के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए मार्च, अप्रेल के महीने में हाफ मैराथन का आयोजन करने पर विचार।
-भरतपुर चौपाटी, नाइट मार्केट विकसित करने पर चर्चा।
-कम्प्यूटराइजेशन के बाद ऑनलाइन गतिविधियों को जारी रखने तथा वेबसाइट को मेंटेन कराने के लिए संविदा पर नियुक्ति करने पर विचार।
-नागरिकों को आधार कार्ड बेस्ड प्रोपर्टी कार्ड जारी करने पर विचार।
-भरतपुर शहर तथा सब अर्बन में सिटी बस एवं भरतपुर तथा इसके आसपास के क्षेत्र जैसे डीग, फतेहपुर सीकरी आदि के भ्रमण के लिए ट्यूरिस्ट बस लगाने पर विचार।
-खाली भूखंड जिनकी चारदीवारी नहीं है तथा रोड लेवल तक भरा हुआ नहीं है उसमें गंदा पानी भरे रहने से आसपास के घरों तथा लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है, इन भूखंड मालिकों को चारदीवारी तथा रोड लेवल तक भराई करने के लिए 12 महीने का समय देने तथा उसके बाद वेकेंट प्लॉट सेस/टैक्स लगाने पर विचार।
-डपिंग साइट पर (नौंह कचरा घर) पड़े कचरे के निस्तारण पर विचार।
-नगर निगम की ओर से रणजीत नगर में सनातन धर्म स्कूल उमावि भरतपुर वाली भूमि को अपने कब्जे में लेने पर विचार।
-गत बोर्ड ऐसे कार्य जिनकी निविदा आमंत्रित की गई लेकिन कार्यादेश जारी नहीं किए जा सके, उनके कार्यादेश जारी करने, निरस्त करने व नवीन निविदा लगाए जाने एवं ऐसे कार्य जो कार्यादेश जारी होने के पश्चात प्रारंभ नहीं हुए हैं उन पर निर्णय करने पर विचार।
-स्टेट ग्रांट एक्ट व कच्ची बस्ती पट्टा विलेख नवीनीकरण शुल्क, लीज डीड नवीनीकरण शुल्क के निर्धारण करने व कच्चा डंडा परकोटे, स्टेट ग्रांट बस्ती के शेष रहे पट्टे जारी करने पर विचार।
-विक्रय एनओसी एवं ऋण एनओसी शुल्क के दुबारा निर्धारण पर विचार।
-विवाह स्थल के मुख्य मार्गों की सड़क चौड़ाई पर बाय-लॉज संशोधन पर विचार।
-नगर विकास न्यास की ओर से हस्तांतरित कॉलोनियों में ले-आउट में दर्शाये गए पार्कों, नगर निगम के क्षेत्राधिकार में आने वाले पार्कों के विकास पर विचार।
-नगर निगम में उपयोग के लिए वाहन क्रय किए जाने पर विचार।
-राजकीय आवासों के निर्माण पर विचार।
-मेयर के लिए नवीन वाहन क्रय करने पर विचार।
-जलप्रदाय योजनाओं का जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से स्थानीय निकायों को हस्तांतरित किए जाने पर विचार।
-नगर निगम के न्यायालय में लंबित प्रकरण की पैरवी के लिए अधिवक्ताओं को लगाए जाने एवं उनकी संख्या पर विचार।
-पुराने वाहन, कबाड़ की नीलामी पर विचार।
-नगर विकास न्यास से नगर निगम को स्थानांतरित योजनाओं में रिक्त भूखंडों की नीलामी पर विचार।
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