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छेड़छाड़ पर ऐसा…

-कुम्हेर गेट के पास सब्जी मंडी के पास की वारदात

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छेड़छाड़ पर ऐसा...

छेड़छाड़ पर ऐसा...

भरतपुर. शहर के कोतवाली थाना इलाके में सब्जी मंडी के पास एक युवती ने मनचले से परेशान होकर हिम्मत का परिचय दिया। साथ ही मनचले को भी अहसास नहीं होने दिया कि उसके परिजन आ रहे हैं। युवती ने मैसेज कर परिजनों को बुलाया और परिजनों ने युवत की पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि देर शाम तक घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं होने के कारण पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में युवक की गिरफ्तारी दिखाई। आश्चर्य की बात यह है कि शहर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाई गई महिला स्क्वाइड भी कहीं देखने को नहीं मिलती है।
कुम्हेर गेट पुलिस चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला सामने आया है कि एक लड़की स्कूटी से पढऩे के बाद अपने घर जा रही थी तभी मथुरा जिले के मगोर्रा के रहने वाले मनोज नामक एक युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। युवती ने मौके की नजाकत को देखते हुए भाई व चाचा को मोबाइल से मैसेज कर घटना के बारे में बताया। क्योंकि युवक फोन करते ही भाग सकता था। ऐसे में परिजनों ने भी आने में देरी नहीं की। समय पर आकर उस युवक को पकड़ लिया है और उसकी पिटाई की। प्रकरण की जानकारी पाकर मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और वो भी युवक की पिटाई करने लगे। पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया है और जांच जारी है। जानकारी के मुताविक एक लड़की पढ़कर स्कूटी से घर जा रही थी तभी एक मनचला उसका पीछा कर रहा था और उसके साथ अश्लील हरकत करने लगा लेकिन मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया।

बदनामी के डर दर्ज नहीं करा पाते रिपोर्ट

शहर में पिछले कुछ समय समय से किला परिसर, कुम्हेर गेट के अलावा कोचिंग व स्कूलों के आसपास मनचलों के कारण बालिकाओं को परेशानी उठानी पड़ती है। पूर्व में भी इस तरह की वारदात हो चुकी हैं। कुछ माह पूर्व में एक और युवती ने भी हिम्मत दिखाते हुए मनचले की गिरफ्तारी कराई गई थी।

बड़ा सवाल...किस बात का वेतन ले रही महिला स्क्वायड

वर्ष 2017 में पूर्ववती सरकार ने उदयपुर पुलिस की तर्ज पर महिला स्क्वायड टीम का गठन किया था। इसमें एक सीआई रैंक की महिला पुलिस अधिकारी प्रभारी होती है, जबकि करीब आठ महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था। इसमें बाइक चलाने वाली महिलाकर्मियों को प्राथमिकता दी गई थी। इसमें मार्शल-आर्ट, बाइक चलाना और हथियार का प्रशिक्षण भी दिलाया गया था। तय किया गया था कि महिला स्क्वायड शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर गश्त करेगा। यह महिला कॉलेज व स्कूल, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख बाजार और पर्यटन स्थलों पर नजर रखेगा। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम पर महिला अत्याचार या छेड़छाड़ संबंधी शिकायत मिलने पर तुरंत पहुंचकर कार्रवाई करेगा। हकीकत यह है कि यह महिला स्क्वायड दिखाई ही नहीं देती है। इस कारण भी मनचलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती है।

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