Ras Success Story: अमूमन बेटियों को सेफ जोन से बाहर नहीं निकाला जाता। उन्हें ज्यादातर शिक्षक बनने तक सिमटा दिया जाता है, लेकिन मुझे मेरी मां ने हौसला दिया तो मैंने इससे हटकर जॉब की तलाश की और सरकारी सेवा के रूप में रसद विभाग में निरीक्षक के पद पर चयन हुआ।
Ras Success Story: अमूमन बेटियों को सेफ जोन से बाहर नहीं निकाला जाता। उन्हें ज्यादातर शिक्षक बनने तक सिमटा दिया जाता है, लेकिन मुझे मेरी मां ने हौसला दिया तो मैंने इससे हटकर जॉब की तलाश की और सरकारी सेवा के रूप में रसद विभाग में निरीक्षक के पद पर चयन हुआ। इस सेवा में रहते हुए आगे पढ़ाई जारी रखी और हाल ही में राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से घोषित हुए आरएएस भर्ती 2021 के परिणाम में 114वीं रैंक हासिल की है। यह कहना है भरतपुर के केशव नगर निवासी वैशाली धाकड़ का।
वैशाली ने यह सफलता दूसरे प्रयास में हासिल की है। वैशाली बताती हैं कि पहले प्रयास में कुछ कमियां रह गई थीं, जिन्हें दूसरे प्रयास में दूर किया और इसके परिणाम बेहतर रहे। वैशाली ने नौकरी के बीच से समय निकालकर छह से सात घंटे नियमित रूप से पढ़ाई की। वैशाली कहती हैं कि सकारात्मक वातावरण एवं एकाग्रता के साथ पढ़ाई करने वाला व्यक्ति इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकता है।
वैशाली ने इस दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। अब वैशाली आगे यूपीएससी परीक्षा देने का मन बना रही हैं। वैशाली ने इस सफलता का श्रेय मुख्य रूप से अपनी मां को दिया है। वैशाली का मानना है कि सोशल मीडिया से दूरी एवं लक्ष्य के प्रति सदैव दृढ़ प्रयास, अनुशासन एवं निरंतरता से कोई भी कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वैशाली वर्तमान में रसद कार्यालय में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। इनके पिता राजेन्द्र कुमार एवं बहन ऋतु धाकड़ अध्यापक हैं, जबकि मां लक्ष्मी धाकड़ गृहिणी हैं।