
नगर निगम क्षेत्र में बिजली बचत के नाम पर पुरानी लाइटों के स्थान पर नई एलईडी लाइट लगाने का काम करने वाली कम्पनी की मनमानी के खिलाफ निगम प्रशासन चाहे खूब बेबसी जता चुका हो, लेकिन यह भी सही है कि इतना होने के बावजूद कम्पनी उसके 'बसÓ में नहीं है।
यही वजह है कि नगर निगम इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाने जा रहा है जिसके एजेंडा तैयार किया जा रहा है। इस बीच इस मुद्दे पर सत्ता व विपक्ष में बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रभारी मंत्री कालीचरन सर्राफ के सामने निगम अधिकारियों व मेयर द्वारा अपनी बेबसी बयां करने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर से सुर्खियों में है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने निगम की लाइटों को बदलने का ठेका ईईएसएल कम्पनी को दिया था जिसने भरतपुर में इस को एक अन्य कम्पनी को सबलेट कर दिया था।
नहीं चल रही तो इस्तीफा क्यों नहीं दे देते-भारद्वाज
पत्रिका: प्रभारी मंत्री की बैठक में शहर की रोड लाइट व्यवस्था का मुद्दा उठा, इससे कोई फर्क पड़ा?
नेता प्रतिपक्ष: कोई फर्क नहीं पड़ा। कम्पनी के प्रतिनिधियों ने निगम आने की जहमत तक नहीं उठाई।
पत्रिका: मेयर तथा विधायक ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।
नेता प्रतिपक्ष: यदि प्रमुखता से उठाया होता तो एक्शन नहीं होता। अपनी बेबसी बताने से वे अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। यदि उनकी नहीं चल रही तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते?
पत्रिका: कांग्रेस ने भी कोई आंदोलन नहीं किया?
नेता प्रतिपक्ष: नगर निगम बोर्ड की बैठक में मैने शहर की समस्याओं को सबसे ज्यादा उठाया है। हमारी मांग पर पूर्व में भी इस मुद्द पर आपात बैठक बुलाई गई थी। काम की क्रियान्विति को निगम के ही अधिकारी कराएंगे।
पत्रिका: आखिर यह समस्या क्यों है?
नेता प्रतिपक्ष: विभाग में भ्रष्टाचार है। एक उच्चाधिकारी का कम्पनी के प्रतिनिधियों पर संरक्षण है। उक्त अधिकारी ने पूर्व में भी निगम में गड़बड़ी कराने के लिए पूर्व आयुक्त पर दबाव बनाया था।
क्या कहते हैं मेयर शिवसिंह भोंट
प्रभारी मंत्री के सामने निगम की बेबसी के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा आपसे इस्तीफा मांगने पर मेयर शिवसिंह भोंट ने कहा कि विपक्ष इस्तीफा मांग सकता है, लेकिन हम रचनात्मक काम करना चाहते हैं। उन्होंने निगम की बैठक बुलाने की मांग की, हमने तत्काल आदेश कर दिए। इस समस्या के समाधान में उनकी भी मदद चाहते हैं।
क्या कहते हैं विधायक विजय बंसल
शहर की रोड लाइट व्यवस्था पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने आपसे इस्तीफे की मांग पर विधायक बंसल ने कहा कि वे ऐसे लोगों के आरोपों पर जबाव देना उचित नहीं समझते। हम क्या कर रहे है, जनता के सामने है। यदि हम जन समस्याओं को समझ नहीं रहे तो क्या प्रभारी मंत्री की बैठक में रोड लाइटों, डे्रनेज व सड़कों के मुद्दों को नहीं उठाते। विपक्ष का काम तो केवल आरोप लगाने का है, लगाते रहें।
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