
नदबई विधायक का रौब दिखा 1.50 लाख रुपए वसूलने का आरोप, सोशल मीडिया में कथित वीडियो वायरल
भरतपुर. नदबई की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो में कस्बे के प्रमुख कपड़ा व्यापारी उमाकांत जिंदल द्वारा नगरपालिका के सहायक अभियंता पीएस गुर्जर तथा पालिकाध्यक्ष के पुत्र दिलीप सिंह पर विधायक जोगेन्द्र सिंह अवाना का नाम लेकर मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाते हुए डेढ़ लाख रुपए लेने का आरोप लगाया है। उधर, मामले को लेकर सहायक अभियंता ने थाने में व्यापारी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया है। वहीं, व्यापारी पक्ष की ओर से मामले में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमण्डल एसपी से मिला और लिखित में शिकायत सौंपी।
कथित वायरल वीडियो में स्टेशन रोड नदबई स्थित संस्कार साड़ी एंपोरियम के मालिक उमाकांत जिंदल पुत्र दीपचंद द्वारा विगत 10 मई को उसे नगरपालिका परिसर में बुलाकर पीएस गुर्जर व दिलीप सिंह द्वारा विधायक अवाना का नाम लेकर मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाते हुए डेढ़ लाख लेने का आरोप लगाया है। वीडियो के वायरल होने पर पालिका के सहायक अभियंता गुर्जर ने पूरे प्रकरण को गलत एवं आधारहीन बताते हुए कस्बा निवासी एवं वार्ड नंबर 19 के पार्षद मनोज के भाई राजनसिंह पुत्र चरनसिंह एवं कपड़ा व्यापारी उमाकांत जिंदल उर्फ पप्पू निवासी कबई हाल निवासी कस्बा नदबई के खिलाफ छवि एवं प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए मानहानि का मामला दर्ज कराया गया है। इसमें बताया कि वह बुधवार सांय करीब 6.54 पर कार्यालय में अपना काम कर रहे थे। तभी वर्तमान वार्ड नंबर 19 के पार्षद मनोज के भाई राजनसिंह द्वारा व्हाट्सएप पर एक वीडियो डाला। वीडियो में एक व्यक्ति जिसका नाम उमाकांत जिंदल है द्वारा उससे डेढ़ लाख रुपए विधायक नदबई के नाम से लेना बताया है। उक्त वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए राजन द्वारा ढाई लाख रुपए मांगने का आरोप लगाते हुए एईएन द्वारथाने में मामला दर्ज कराया है। उधर, दूसरे पक्ष से उमाकांत जिंदल एवं राजन सिंह द्वारा समर्थकों के साथ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र विश्नोई को शिकायत दी है। इसमें बताया कि पालिका के तत्कालीन प्रभावी अधिशासी अधिकारी एवं वर्तमान सहायक अभियंता पीएस गुर्जर व चेयरमैन पुत्र दिलीप सिंह द्वारा उसको धमकी देकर तथा डरा धमकाकर डेढ़ लाख रुपए लेकर पुन: परेशान करने व नदबई थाने पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर गिरफ्तार कराने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इसमें बताया कि गत 27 अप्रेल को लॉक डाउन की अवधि में उपखंड अधिकारी द्वारा उसकी दुकान को आगामी आदेशों तक सील किया गया था। उक्त सीलशुदा दुकान को खुलवाने व भविष्य में परेशान नहीं करने के लिए दिलीप सिंह द्वारा अलग-अलग नंबर से फोन कर दवाब बनाते हुए पालिका में आकर तत्कालीन अधिशासी अधिकारी गुर्जर से बात करने के बारे में कहा गया। डेढ़ लाख रुपए लेने के बाद भी लगातार रूप से पालिका कर्मचारियों द्वारा परेशान करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करवाने का निवेदन किया गया है।
Published on:
01 Jul 2021 11:18 pm
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