
पिछले 12 साल जिस भाई कलाई हर रक्षाबंधन पर सूनी रहती थी, वह कलाई अब सूनी नहीं रहेगी। क्योंकि आगामी 11 अगस्त को आ रही रक्षाबंधन पर एक बहन 12 साल बाद भाई की कलाई पर राखी बांधेगी। यह कहानी अपना घर में रह रही उस महिला की है, जो कि 12 साल से मानसिक रूप से बीमार होने के कारण इलाज करा रही थी। मानसिक स्थिति खराब होने के कारण करीब 12 वर्ष पहले घर से निकली एक महिला का मिलन गुरुवार को उनके भाई से हुआ। इस मिलन के दौरान दोनों की आंखें नम हो गईं।
मध्यप्रदेश के भागलपुर निवासी जाहगीर ने बताया कि उनकी बहन गुलशन मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण 12 वर्ष पहले घर से लापता हो गईं। घर से निकलने के बाद उनकी हर जगह खोज की गई, लेकिन कहीं पता नहीं चला। हाल ही में चंड़ीगढ़ निवासी सुभाष शर्मा ने हमें सूचना दी कि आपकी बहन अपना घर आश्रम भरतपुर में है और अब इलाज के बाद स्वस्थ है। यह खबर सुनकर परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। ऐसे में गुलशन के भाई जहागीर अपना घर आश्रम भरतपुर पहुंचे। गुरुवार को गुलशन को उनके भाई के साथ घर भेजा गया।
हजारों को मिला चुका है अपना घर
मानव सेवा के लिए विश्वभर में पहचान बना चुका अपना घर आश्रम परिवार ने अब एक अनूठा संकल्प (अपनाघर आश्रम यूनिक रिजुलोशन ) लिया है। डॉ. बीएम भारद्वाज और पदाधिकारियों ने नेपाल समेत देश के 50 शहरों में संचालित अपना घर आश्रम के 8,800 से अधिक प्रभुजनों को विश्वस्तरीय चिकित्सा और सुविधा समय पर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। यह संकल्प 23 दिसंबर 2022 तक पूरा करना है और तब तक आश्रम संस्थापक डॉ. भारद्वाज समेत कोई भी पदाधिकारी कार्यालय में बैठकर कार्य नहीं करेंगे।
ऐसी होगी श्रेष्ठतम सेवा
रेस्क्यू टीम सूचना मिलने के अधिकतम 30 मिनट में रेस्क्यू टीम एंबुलेंस के साथ यूनिफॉर्म में रवाना हो जाएगी। टीम में प्रशिक्षित सेवा साथी जाएंगे और प्रभुजन के साथ प्रेम पूर्ण व्यवहार करने के साथ उन्हें स्नान कराने के साथ सफाई करेंगे। हर हाल में मरीज की जांच रिपोर्ट 24 घंटे में उपलब्ध कराई जाएगी। प्रभुजन का साल में एक बार अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के टीकाकरण की हर तीन माह में मॉनिटरिंग की जाएगी। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
डॉक्टर भारद्वाज ने बताया कि अपना घर आश्रम की सभी शाखाओं में श्रेष्ठतम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए यह संकल्प लिया गया है। इस स्तर की सेवाएं सभी आश्रम में 23 दिसंबर 2022 तक पूरी तरह से लागू कर दी जाएंगी। आश्रमों की सेवाओं और सुविधाओं को पूरी तरह से लागू करने तक कोई भी पदाधिकारी (एक हजार पदाधिकारी) कार्यालय में बैठकर कार्य नहीं करेगा। सभी पदाधिकारी और सेवा साथी प्रभु जनों के बीच रहकर सेवा को श्रेष्ठतम बनाने का काम करेंगे। जिस दिन यह सेवाएं श्रेष्ठतम स्तर पर पहुंच जाएंगी, उस दिन के बाद से ही कार्यालय में बैठकर काम किया जाएगा।
Updated on:
24 Jun 2022 12:08 pm
Published on:
24 Jun 2022 11:53 am

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