भरतपुर. जिले के घाटमीका के नासिर-जुनैद हत्याकांड मामले में चचेरे भाई जाविर ने आरोपियों के गिरफ्तारी और सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा को पूरा कराने की मांग को लेकर सोमवार को फिर टावर पर चढऩे की चेतावनी दी। इसको लेकर रात को समझाइश के लिए पहुंची पहाड़ी पुलिस को ग्रामीण महिला-पुरुषों का जमकर विरोध का सामना करना पड़ा। यहां तक की महिलाओं ने पुलिसकर्मियों की लाठी-डंडों से पिटाई भी कर दी। इसमें सीआई, एएसआई चालक सहित अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए तथा पथराव के चलते पहाड़ी थाना पुलिस जीप एवं एएसपी हिम्मत सिंह की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। लगातार ग्रामीणों के विरोध के चलते अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर बुलाया गया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में किया गया। पहाड़ी थाना पुलिस ने पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने सहित विभिन्न धाराओं में एक दर्जन से अधिक महिला पुरुषों को नाम दर्ज करते हुए 40 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। टावर पर चढऩे की धमकी देने वाले जाविर को शांति भंग की धारा में गिरफ्तार कर लिया गया। गांव में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। बता दें कि गत दिनों पूर्व भी जाविर टावर पर चढ़ गया था। इसे पुलिस ने 24 घंटे में समझाइश कर नीचे उतारा था।
जाविर को पुलिस ने पकड़ा तो ग्रामीण हुए आक्रोशित
पुलिस के अनुसार जाविर ने एक पत्थर उठा कर सीआई शिवलहरी को जान से मारने की नियत से हमला किया। इसमें सीआई साइड में होने से बाल-बाल बचे। सीआई एवं मौजूद पुलिस जाब्ता के साथ धक्का-मुक्की, हाथापाई भी की गई। पुलिस जाब्ता जाविर को गिरफ्तार कर रवाना हुआ तो दर्जनों ग्रामीणों ने जीप में मौजूद भानुप्रताप एएसआई व चालक सतवीर व जीप में पीछे बैठे जाब्ते पर लाठी-डण्डों से हमला कर दिया। लाठी-डण्डों से जीप के दोनों तरफ के शीशे व सामने का शीशा व एएसपी हिम्मत सिंह की गाड़ी का ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ दिए। कामां के सरकारी वाहन पर पथराव कर वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं पुलिस जीप के अंदर जाविर ने पुलिसकर्मियों के साथ जमकर हाथापाई भी की है। ग्रामीणों ने पथराव करते हुए रास्ते में कंटीली झाडिय़ां डालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। अतिरिक्त पुलिस जाब्ते की मदद से पुलिस गांव से जान बचाकर जाविर को निकाल कर लाए। घाटमीका गांव छावनी में तब्दील हो गया।