
शहर में लक्ष्मण मंदिर चौक स्थित एक दुकान से चोरी हुई लाखों रुपए की नकदी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल दो आरोपितों को गिरफ्तार कर आठ लाख रुपए से अधिक की नकदी बरामद की है। उधर, वारदात में शामिल एक और आरोपित की फरार है। फरार आरोपित दुकान का पूर्व कर्मचारी है। दुकान मालिक ने शुरू से ही पुलिस को उस पर शक जताया था।
पुलिस अधीक्षक कैलाश विश्नोई ने बताया कि लक्ष्मण मंदिर चौक स्थित अग्रवाल गिफ्ट हाउस की दुकान से गत 6 जुलाई की रात अज्ञात जने यहां अलग-अलग दराजों में रखे 10 लाख 30 हजार रुपए और सीसीटीवी व डीवीआर आदि सामान चोरी कर ले गए। वारदात के खुलासे के लिए एएसपी (मुख्यालय) भरतलाल मीना व सीओ (शहर) नरेन्द्र मीना ने नेतृत्व में मथुरा गेट थाना प्रभारी वीरेन्द्र शर्मा व अटलबंध के जगदीश प्रसाद मीना के नेतृत्व में चुनिंदा पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने जांच करते हुए वारदात में शमिल आरोपित अंकित उर्फ अक्का पुत्र वीरेन्द्र शर्मा निवासी पुराना लक्ष्मण मंदिर व तरुण गर्ग पुत्र लक्ष्मीनारायण गर्ग निवासी पुराने लक्ष्मण मंदिर के पास को शनिवार को धर दबोचा।
पुलिस ने अंकित के कब्जे से बरामद बैग से 5 लाख 45 हजार और तरुण से 2 लाख 85 हजार रुपए बरामद किए। पूछताछ में अंकित ने बताया कि वारदात योगेश शर्मा उर्फ निक्की के कहने पर की थी। वारदात के बाद से योगेश फरार है। योगेश दुकान में पहले काम करता था। योगेश ने ही दुकान में चोरी करने की योजना बनाई थी।
कटर मशीन लेकर चढ़ थे ऊपर
आरोपित अंकित व योगश तीन मंजिला दुकान पर कटर मशीन लेकर चढ़े थे। यहां ऊपर मंजिल पर लकड़ी के किबाड़ को आरोपितों ने कटर मशीन से काटा और उसके बाद दुकान में अंदर घुस नीचे चले गए। यहां दुकानदार भाई जितेन्द्र गोयल की दराज से 5.30 लाख, राकेश गोयल के 3.50 लाख और एक अन्य भाई की दराज से डेढ़ लाख रुपए चोरी कर लिए।
आपस में बांटी राशि
चोरी करने के बाद अंकित व योगेश अलग-अलग निकल गए, जबकि नकदी भरा बैग अंकित ले गया। योगेश उर्फ निक्की के चोरी के हिस्से में से कुछ राशि उन्होंने अपने दोस्त तरुण को देने के लिए उसे उद्यान में बुलाया। जहां उसे तरुण व निक्की मिले, जहां निक्की ने अपना हिस्सा तरुण के पस रखने की बात कही।
कांस्टेबल होंगे सम्मानित
एसपी ने वारदात के खुलासे में प्रमुख भूमिका निभाने वाले कांस्टेबल ताराचंद व जोगेन्द्र सिंह की सराहना की और उन्हें सम्मानित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुलजिम पकड़ में आ जाते हैं लेकिन राशि की बरामदगी मुश्किल होती है।

Published on:
10 Jul 2016 06:48 pm

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