पर्यटकों को राजकीय संग्रहालय में भ्रमण के लिए आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को अभी और इतंजार करना पड़ेगा। संग्रहालय में चल रहे जीर्णोद्वार व मरम्मत कार्य वैसे तो आगामी नवम्बर तक पूरा होना है लेकिन कार्य जिस रफ्तार से चल रहा है, उससे पर्यटकों का दिसम्बर या अगले साल से पहले प्रवेश होना मुश्किल […]
पर्यटकों को राजकीय संग्रहालय में भ्रमण के लिए आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को अभी और इतंजार करना पड़ेगा। संग्रहालय में चल रहे जीर्णोद्वार व मरम्मत कार्य वैसे तो आगामी नवम्बर तक पूरा होना है लेकिन कार्य जिस रफ्तार से चल रहा है, उससे पर्यटकों का दिसम्बर या अगले साल से पहले प्रवेश होना मुश्किल लग रहा है। हालांकि, संग्रहालय के नीचे के हिस्से में काम लगभग पूरा हो चुका है, यहां अब मूर्ति व अन्य सामान को नए सिरे से प्रदर्शित करना रह गया है। संग्रहालय को गत वर्ष १९ सितम्बर जीर्णोद्वार के चलते पर्यटकों के लिए बंद कर दिया था। घना के बाद शहर में पर्यटक संग्रहालय घूमना पंसद करते हैं।
जीर्णोद्वार पर हो रहे करोड़ों खर्च
संग्रहालय के जीर्णोद्वार व मरम्मत कार्य के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें संग्रहालय की मरम्मत और दीर्घाओं को नया लुक दिया जा रहा है। इन दीर्घाओं में ऐतिहासिक मूर्ति व साजो-सामान को वापस प्रदर्शित किया जाएगा। संग्रहालय आने वाले पर्यटकों को इस बार मुख्य द्वार के सामने फव्वारा चलता हुआ नजर आएगा। फव्वारे को पिछले बार वर्ष २०१३ में जांच की थी लेकिन पानी की कमी के चलते उसे नियमित रूप से नहीं चलाया जा सका। इस बार बोरिंग लगाई गई, जिससे पानी की कमी नहीं आए।
खुलेगा सूचना केन्द्र
संग्रहालय में पर्यटकों के लिए जिले के अन्य पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए यहां सूचना केन्द्र भी खुलेगा। यह मुख्य द्वार के पास एक तरफ के हिस्से में बनाया जा रहा है। यहां पर्यटक डीग के जल महल, कामां के चौरासी खंभा व मंदिर, कुम्हेर, वैर का सफेद महल तथा लोहागढ़ किला, लक्ष्मण मंदिर, गंगा मंदिर, किशोरी महल, मोती महल, महल खास, जवाहर बुर्ज सहित अन्य पर्यटन स्थलों की भी जानकारी ले सकेंगे।
खरीद सकेंगे सामान
संग्रहालय घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की तर्ज पर सामान खरीदने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए संग्रहालय के एक हिस्से में शॉप बनाई जा रही है। इसमें शीश लगाया गया है, जिससे रखा सामान पर्यटकों की नजर में आसानी से आ सके। शॉप में ज्यादातर राजे-रजवाड़े के समय चलने वाली वस्तु और अन्य सामग्रा रखी जाएगी। इसका पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से जल्द निर्णय लिया जाएगा।