22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कैसे बहाल होगा मनरेगा का पुराना स्वरूप? राहुल गांधी ने बताया मोदी सरकार को झुकाने का रोडमैप

दिल्ली में आयोजित मनरेगा मजदूर सम्मेलन में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। राहुल गांधी ने किसानों के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि एकजुट संघर्ष से ही मनरेगा को बचाया जा सकता है और गरीबों के हक की बहाली संभव है।

less than 1 minute read
Google source verification
rahul gandhi and mallikarjun kharge

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य नेता नई दिल्ली में आयोजित 'राष्ट्रीय मनरेगा मजदूर सम्मेलन' के दौरान। (Photo: IANS)

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा वाले डरपोक हैं और इन्हें रोकने के लिए देश को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि यह रास्ता मजदूरों और किसानों ने पहले ही दिखा दिया है। किसानों ने तीन काले कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया था। यदि उसी तरह संसद और सड़कों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाया जाए तो मनरेगा को फिर से चालू कराया जा सकता है।

राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे गुरुवार को नई दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित राष्ट्रीय मनरेगा मजदूर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में देशभर से सामाजिक कार्यकर्ता और मनरेगा मजदूर शामिल हुए। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य गरीबों से संसाधन छीनकर चुनिंदा अमीरों को सौंपना है, जिससे दलित, आदिवासी और ओबीसी वर्ग उन्हीं पर निर्भर हो जाएं।

खरगे बोले, नया कानून वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने और उसके स्थान पर नया कानून लाने की कोशिश गरीबों को गुलामी की ओर धकेलने जैसी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता और नया कानून वापस नहीं लिया जाता, संघर्ष जारी रहेगा।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार राज्यों और जिलों को पैसा देने में भेदभाव करेगी और भाजपा शासित राज्यों को अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों का पैसा अब ठेकेदारों और नौकरशाही के पास जाएगा। सम्मेलन में रचनात्मक कांग्रेस के अध्यक्ष संदीप दीक्षित ने अगले पांच महीनों तक देशभर में आंदोलन तेज करने की घोषणा की।