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जीते-जी बेटों को सारी पावर नहीं दें – अरबपति खन्ना का दर्द छलका

अरबपति ( Billionaire and his wife entry ban in mill by sons ) ( Founder and owner of Khanna Paper mill ) बृजमोहन खन्ना का कहना है कि अपने जीते-जी बेटों को इतनी पावर नहीं देनी चाहिए, जिससे बाद में वे उन्हें खून के आंसू रुलाएं ( Cry blood tears )। खन्ना ने अपने बेटों के खिलाफ थाने में शिकायत दी है।

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जीते-जी बेटों को सारी पावर नहीं दें - अरबपति खन्ना का दर्द छलका

जीते-जी बेटों को सारी पावर नहीं दें - अरबपति खन्ना का दर्द छलका

अमृतसर(धीरज शर्मा): देश के जाने-माने अरबपति ( Billionaire and his wife entry ban in mill by sons in ) और खन्ना पेपर मिल के फाउंडर व मालिक ( Founder and owner of Khanna Paper mill ) बृजमोहन खन्ना का कहना है कि अपने जीते-जी बेटों को इतनी पावर नहीं देनी चाहिए, जिससे बाद में वे उन्हें खून के आंसू रुलाएं ( Cry blood tears )। आंखों से आंसुओं का दरिया बहाते हुए खन्ना ने अपने बेटों के लिए यह बात कही। खन्ना ने अपने बेटों के खिलाफ थाने में शिकायत दी है। शिकायत यह है उनको और उनकी पत्नी को बेटे मिल में नहीं घुसने दे रहे हैं।

बेटों पर मिल में एंट्री बंद कराने का आरोप
पुलिस में दी शिकायत में बताया गया है कि बृजमोहन खन्ना ने अपनी 57 हजार करोड़ की फर्म की पावर ऑफ अटार्नी अपने बेटों के नाम कर दी। कंपनी के बचे हुए शेयरों को भी अपने नाम कराने के लिए बेटे दवाब डाल रहे हैं। जब खन्ना ने उनके दवाब में आने से इंकार कर दिया तो बेटों ने उनकी व पत्नी की एंट्री खन्ना मिल में बंद करा दी। मिल का गार्ड दोनों को मिल में नहीं जाने दे रहा है।

गार्डों ने नहीं दिया मिल में प्रवेश
उन्होने बताया की वर्ष 1965 में केवल 10 हजार रुपए से बिजनैस शुरू किया था। 50 साल कड़ी मेहनत करके बिजनेस को स्टैंड किया। आज कम्पनी 57000 करोड़ रुपए के टर्न ओवर तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2013 में उन्होंने अपने दोनों बेटों सौरभ खन्ना और राहुल खन्ना को 68 प्रतिशत शेयर दिए थे। वह अभी भी 32 प्रतिशत शेयर के मालिक हैं ।

हाईकोर्ट में है मामला
पिछले शुक्रवार जब बृज मोहन खन्ना मिल में पहुंचे तो मेन गेट पर तैनात कर्मचारी ने उन्हें गेट के बाहर ही रोक दिया। अगले दिन खन्ना फिर मिल में जाने लगे तब भी गार्डों ने उन्हें नहीं जाने दिया। बृज मोहन के मुताबिक उन्होंने इसकी शिकायत थाना सदर में की, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होने बताया की उन्होन लोअर कोर्ट में भी केस किया था पर वहां केस हार जाने के बाद हाईकोर्ट में सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत 36 प्रतिशत शेयर वापस दिलाने की मांग रखी है। केस की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2020 को होनी है।