
भाजपा: वर्चस्व की लड़ाई में सांसद बघेल को मिला पूर्व मंत्रियों का साथ, राष्ट्रीय महासचिव सरोज के खिलाफ खुलेआम खोला मोर्चा
भिलाई. भारतीय जनता पार्टी (CG Bharatiya Janata Party) में संगठन चुनाव को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं में उपजे आक्रोश ने और उग्र रूप ले लिया है। (Durg MP Vijay Baghel) सांसद विजय बघेल ने मंगलवार को भिलाई और दुर्ग दोनों जिला संगठनों के नाराज कार्यकर्ताओं की अलग-अलग बैठक बुलाई। संगठन चुनाव में लोकतांत्रिक तरीकों का कथित पालन नहीं करने की शिकायत प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व से करने का फैसला किया। हालांकि वक्ताओं ने नाम नहीं लिया, लेकिन गुट विशेष के समर्थकों की उपस्थिति और इशारों-इशारों में कही गई बातों से साफ है कि यह लड़ाई अब सीधे-सीधे सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय, विधायक विद्यारतन भसीन, पूर्व मंत्री रमशीला साहू बनाम (MP Saroj Pandey) राज्य सभा सांसद सरोज पांडेय की हो गई है।
चार मंडल से आए शिकायतों का पुलिंदा
धमधा, अहिवारा, सिकोलाभाठा और जेवरा सिरसा के कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष के चुनाव को लेकर शिकायती पत्र सौंपा। पत्र के साथ साक्ष्य के रूप में हस्ताक्षर के साथ दस्तावेज भी सौंपे।
जमकर चली नारेबाजी, करना पड़ा हस्तक्षेप
सांसद बघेल के समर्थन में समर्थकों ने जमकर नारेबाजी भी की। बघेल को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने समर्थकों को रोकते हुए कहा कि पार्टी परिवार है। बैठक का मकसद भावनाओं से अवगत करना है। यहां नारेबाजी की जरूरत नहीं है।
कार्यकर्ताओं को फोन कर रोका बैठक में जाने से
बैठक को अवैध करार देते हुए दुर्ग जिला भाजपाध्यक्ष और भिलाई जिलाध्यक्ष ने बैठक में शामिल होने को अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी। सूत्रों की माने तो संगठन के नेताओं को बकायदा फोन कर बैठक में नहीं आने की समझाइश भी दी गई थी। इसके बाद भी सांसद की बैठक में समर्थकों की खासी भीड़ जुटी।
विजय बघेल
दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में सांसद विजय बघेल ने इशारों में राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पैठ का फायदा उठाकर उच्च स्तर पर बातों का गलत प्रस्तुतीकरण किया जाता है, लेकिन डरकर जिया नहीं जा सकता। पार्टी फोरम में पहले ही बात रख दी गई है। उन्हीं के निर्देश पर कार्यकर्ताओं का पक्ष सुनने बैठक की गई है। कुछ मंडल अध्यक्षों के चुनाव पक्षपात पूर्ण व पार्टी की रीति-नीति के विपरीत कराए जाने की शिकायत है। बैठक की भी जानकारी दी जाएगी।
प्रेम प्रकाश पांडेय
आज हम सब एक दुखद प्रसंग पर एकत्रित हुए हैं। ये सबके लिए दुर्भाग्यपूर्ण दिन है। मेरे 43 साल के राजनीति सफर में ऐसा पहली बार हो रहा है। आज जहां हमें कांग्रेस की सरकार के खिलाफ लड़ाई लडऩी थी, किसी और विषय को लेकर एकत्रित हुए हैं। चुनाव से कोई नहीं भागता। आम सहमति से भी चुनाव हुए हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि पार्र्टी हमारी है। पार्टी किसी परिवार की जागीर नहीं हो सकती है। पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता एक महत्वपूर्ण है। लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।
विद्यारतन भसीन
आज की उपस्थिति आपका दर्द बताती है कि हमारी पार्टी में यह क्या हो रहा है? 72 साल के जीवन में पार्टी संगठन में ऐसा अद्भुत चुनाव पहली बार देख रहा हंू। कौन सदस्य बना, किसको वोट डालने की पात्रता मिली, किसको चुनाव लडऩे की, किसी को नहीं मालूम। मेरा दावा है कि जो अध्यक्ष बने हैं उनको भी नहीं पता कि वह पार्टी में कुछ है। कार्यकर्ता हतोत्साहित हो रहे हैं कि मेरा हक छीना जा रहा है। पूरा चुनाव फर्जी है। इसका परीक्षण होना चाहिए। गलत तरीके से हुए चुनाव को रद्द किया जाना चाहिए।
ये रहें बैठक में मौजूद
दुर्ग में-पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, कैलाश चंद्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन, जनपद अध्यक्ष संतोषी देशमुख, जिला महामंत्री देवेंद्र सिंह चंदेल, भाजयुमो नेता ललित चंद्राकर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुनील साहू, प्रशांत वर्मा पूर्व जनपद अध्यक्ष धमधा, नरेंद्र यादव पूर्व नपा अध्यक्ष अहिवारा, कृष्णा देशमुख पूर्व जनपद उपाध्यक्ष, रविशंकर सिंह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, रामाधीन श्रमिक, सत्यनारायण शर्मा, चैनसुख भट्टड़ पूर्व महामंत्री।
भिलाई में- भिलाई जिला संगठन के चार पूर्व जिलाध्यक्ष चंदन सिंह भदौरिया, अनिल मिश्रा, रामआसरे दुबे और ओपी वर्मा, भिलाई- तीन चरोदा की महापौर चंद्रकांता मांडले, वरिष्ठ नेता शंकर लाल देवांगन, प्रभुनाथ मिश्रा, संजय दानी, नगर निगम के सभापति श्यामसुंदर राव, नेता प्रतिपक्ष रिकेश सेन, निहारिका मिश्रा, जामुल नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रेखराम बंछोर सहित संगठन के पूर्व पदाधिकारी व निगम के पार्षद मौजूद थे।
जिला अध्यक्ष ने कहा नहीं दी जानकारी
जिला अध्यक्ष ऊषा टावरी ने बताया कि मुझे जानकारी देते तो मैं खुद बैठक बुलाती व शामिल भी होती। मैंने इससे पहले मंडल तक की बैठक बुलवाई है। गलत तरीके से बैठक किए जाने के कारण एक-दो को छोड़कर कोई पदाधिकारी शामिल नहीं हुआ। बैठक अनुचित है। प्रदेश आलाकमान को जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। जिलाध्यक्ष भिलाई भाजपा सांवला राम डाहरे ने बताया कि भाजपा अनुशासित पार्टी है। संगठन के बारे में अन्य जगह अनर्गल प्रचार करना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। जहां तक मंडल अध्यक्ष चुनाव की बात है तो प्रदेश संगठन के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया गया है।
बैठक की चार बातें आप भी जानिए
मंडलों में चलाएंगे हस्ताक्षर अभियान
1. चुनाव प्रक्रिया का पालन नहीं कराए जाने के खिलाफ सभी मंडलों में सदस्यों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रदेश चुनाव अधिकारी से शिकायत करेंगे। वे यह बताएंगे कि न तो सदस्यता सूची का प्रकाशन हुआ, न चुनाव स्थानों की घोषणा हुई, सीधे मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी गई।
संासद करेंगे राष्ट्रीय स्तर पर शिकायत
2. सांसद और चुनाव अधिकारी राष्ट्रीय स्तर पर शिकायत करने जाएंगे। क्योंकि पार्टी फोरम में कोई भी अपनी बात रख सकता है। अगर मंडल चुनाव अधिकरी से गलती हुई है तो जिला व प्रदेश निर्वाचन अधिकारी हस्तक्षेप कर सकते हैं।
कार्यकर्ताओं को असहमति जताने का हक
3.एक कार्यकर्ता सरकार के अन्याय के खिलाफ लड़ता है संगठन में भी उनकी उतनी ही जवाबदारी है कि अपने परिवार की तरह ही अगर बड़े कोई गलती करता है तो बताएं। इसलिए प्रदेश नेतृत्व व राष्ट्रीय नेतृत्व को बताएंग ेकि यहां संगठन चुनाव में प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ है।
कौन बना यह नहीं है, मुद्दा है कैसे बना
4.आम सहमति के लिए भी तैयार हैं। जो मंडल अध्यक्ष बना होगा, वह भी पार्टी का ही कार्यकर्ता होगा। कौन बना यह मुद्दा नहीं है, मुद्दा है कैसे बना। ठीक से नहीं बना तो बासमती का चावल भी गुरमटिया से खराब हो जाएगा। इसलिए हमारी लड़ाई कौन बना इसको लेकर नहीं कैसे बना इस तरीके को लेकर है।
Published on:
06 Nov 2019 10:48 am

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