
भाजपा में खुलकर सामने आई वर्चस्व की लड़ाई, सांसद ने बुलाई बैठक तो जिलाध्यक्ष बोले, जाने वालों पर होगी कार्रवाई
भिलाई. संगठन चुनाव को लेकर भाजपा (CG BJP) की अंदरूनी गुटबाजी अब खुलकर सतह पर आ गई है। (Durg MP Vijay Baghel) सांसद विजय बघेल ने मंगलवार भाजपा के भिलाई और दुर्ग दोनों जिला संगठनों के पदाधिकारियों, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्षों, पार्षदों और मोर्चा व प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर राजनीतिक वर्चस्व की सीधी और खुलेआम लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। दुर्ग जिला के भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक दोपहर 2 बजे भाजपा कार्यालय में और भिलाई के कार्यकर्ताओं की बैठक शाम 4 बजे सेक्टर-7 स्थित महाराणा प्रताप भवन में रखी गई है।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी
अभी दुर्ग और भिलाई जिला भाजपा संगठन में पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय का वर्चस्व है। बूथ से लेकर मोर्र्चा, प्रकोष्ठ, मंडल व जिला संगठन में उनके ही समर्थकों का ही दबदबा रहा है। इस बार भी पार्टी के दोनों भिलाई व दुर्ग जिला संगठनके मंडल अध्यक्ष चुनाव में भी प्रदेश संगठन के आम सहमति से मनोनयन के निर्देश को दरकिनार कर बूथ से लेकर सभी मंडलों में अध्यक्ष थोप दिए गए हैं। इससे सांसद विजय बघेल और वैशाली नगर के विधायक विद्यारतन भसीन आहत है। पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं को भी यह नागवार गुजर रहा है। पार्टी के आम कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है। बघेल और भसीन समेत अन्य नेताओं ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति का खुलकर विरोध किया है। मंगलवार को होने वाली बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा होगी।
शुरू हुई संगठन में खींचातनी
एक समय में पूरे अविभाजित दुर्ग जिले में पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और दिवंगत हेमचंद यादव का वर्चस्व था। नब्बे के दशक में पार्टी को यहां स्थापित और संगठन का विस्तार करने में दोनों की अहम भूमिका रही। यही वजह है कि भिलाई- दुर्ग ही नहीं बेमेतरा और बालोद में भी उनके खासे समर्थक हैं। भिलाई में पांडेय के समर्थक जिला संगठन के पदाधिकारी रहे और दुर्ग में हेमचंद के समर्थक संगठन का नेतृत्व करते रहे। सरोज पांडेय के दुर्ग महापौर बनने के बाद वहां संगठन में खींचातनी शुरू हुई और कुछ समय बाद जिला संगठन में सरोज की टीम हावी हो गई। वैशाली नगर विस चुनाव में जीत के साथ ही भिलाई जिला भाजपा में भी उनकी दखल बढ़ी।
कार्यकर्ताओं को भी चाहिए मजबूत संरक्षक
लगभग पंद्रह साल से बूथ से लेकर जिला संगठन के सभी पदों पर सरोज समर्थकों का ही वर्चस्व है। चंूकि इस दरमियान भाजपा सत्ता में भी रही इसलिए किसी ने संगठन को उतना तवज्जो नहीं दिया। अब पार्टी सत्ता से बाहर हो गई है, दिसंबर-2018 में पराजय के बाद सेकार्यकर्ता हताश हैं। उन्हें एक मजबूत संरक्षक व ऐसे नेतृत्व की दरकार है जिसके संरक्षण में वे अपने आपको महफूज महससू कर सके, वर्चस्व की जंग छिड़ गर्ई है। सांसद बघेल, विधायक भसीन, पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और मंत्री रमशीला साहू ने पहली बार ताल ठोंक दी है।
कार्यकर्ता नाखुश रहे तो फिर उठाना पड़ेगा नुकसान
प्रदेश भाजपा संगठन ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी और नेताओं के बीच मनमुटाव को दूर करने संगठन में चुनाव कराने के बजाए सर्वसम्मति और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराकर नई कार्यकारिणी बनाने का फैसला किया है, ताकि निकाय और पंचायत चुनाव में पूरी ताकत झोंक सके। संगठन के नेताओं को यह बात मालूम है कि पार्टी की असली ताकत कार्यकर्ता ही हैं। उनके बगैर कुछ नहीं किया जा सकता है। सांसद की चिंता इसी बात को लेकर है। अगर कार्यकर्ता नाखुश रहे तो आने वाले निकाय व पंचायत चुनाव में पार्टी को फिर नुकसान उठाना पड़ेगा।
बचे तीन मंडलों में भी कर दी अध्यक्ष के नाम की घोषणा
भिलाई जिला भाजपा के तीन मंडल अध्यक्ष भी चुन लिए गए। चुनाव पर्यवेक्षक और संयोजक की मौजूदगी में चरोदा मंडल से दिलीप पटेल को अध्यक्ष चुना गया। पूर्व मंडल से रणजीत सिंह और पश्चिम मंडल से एएन पाढ़ी अध्यक्ष चुने गए। एक दिन पहले भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष सांवला राम डाहरे ने भिलाई जिला भाजपा के सात मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की थी। तीन मंडल का चुनाव की प्रक्रिया के तहत कराने की बात कही थी।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि भाजपा संगठित और अनुशासित पार्टी है, लेकिन जिस तरह से संगठन के चुनाव में पादर्शिता को ताक पर रखकर मंडल अध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया, इससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। बैठक में इसी विषय पर पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा होगी। दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष उषा टावरी ने कहा कि मैं दुर्ग जिला भाजपा की अध्यक्ष हंू। संगठन की ऐसी किसी बैठक की जानकारी मुझे नहीं है।
Published on:
05 Nov 2019 11:41 am

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