
सरकारी अस्पताल, Bhilai का इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ मजबूत
भिलाई. शासकीय अस्पताल, सुपेला में एक-एक कर जो भी कमी थी, उसे दूर किया जा रहा है। जिसकी वजह से अब इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में पहले से बहुत बेहतर हो चुका है। आने वाले समय में और भी नई सुविधा मरीजों को यहां मिलने लगेंगी। शास्त्री अस्पताल, सुपेला आने वाले मरीज ठीक होकर ही लौटें, यहां से किसी को भी दुर्ग या हायर सेंटर में रेफर करने की जरूरत न पड़े, इसके लिए अब जरूरत विशेषज्ञों की है। पत्रिका से चर्चा करते हुए यह बात सिविल हॉस्पिटल, सुपेला के प्रभारी डॉक्टर पीयाम सिंह ने कही।
मरीजों के लिए आ गई ऑटो एनालाइजर मशीन
प्रभारी ने बताया कि सरकारी अस्पताल अब हाईटेक होता जा रहा है। करीब 30 लाख की पूरी तरह ऑटो एनालाइजर मशीन लगा दिए हैं। इसको लगा देने के बाद मरीजों को निजी लैब में जांच के लिए जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सस्ते दरों में यहां आसानी से एक साथ कई लोगों के खून और दूसरी जांच की जा रही है।
ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट से मिली मरीजों को राहत
उन्होंने बताया कि सिविल हॉस्पिटल, सुपेला में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगा दिया गया है। जिससे मरीजों को बिना बाधा के लगातार ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके। यह प्लांट खुद ही ऑक्सीजन का उत्पादन करता है। एक साथ 75 से अधिक मरीजों को लगातार सेंट्रल पाइप लाइन से ऑक्सीजन दिया जा सकता है। सेंट्रल पाइप लाइन की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है।
ब्लड स्टोरेज यूनिट की थी जरूरत
उन्होंने बताया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट मरीजों के लिए जरूरी था। इसको शुरू करने के बाद से जिला अस्पताल से ब्लड लाकर रखा जा रहा है। दशकों पुराने सुपेला अस्पताल में पहली बार किसी मरीज को ब्लड चढ़ाया गया। इससे गंभीर रूप से घायल आने वाले लोगों की जान बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
आइसोलेशन वार्ड का काम हो गया है शुरू
20 बेड के आइसोलेशन वार्ड निर्माण का काम शुरू हो गया है। इससे ऐसे मरीज जिनसे मर्ज दूसरे मरीजों में फैल सकता है, उनको रखकर उपचार किया जा सकेगा। कोरोनाकाल में जिस वक्त कोरोना के मरीज दाखिल हो रहे थे, उस समय दूसरे मरीजों को अस्पताल में दाखिल करने से परहेज किया जा रहा था, ताकि वे भी संक्रमित न हो जाएं। अब अलग से आइसोलेशन वार्ड होने से यह दिक्कत खत्म हो जाएगी। अस्पताल में जैनेरिक दवा भी मिल रही है।
जल्द मिलेगा मरीजों को वेटिंग हॉल
प्रभारी ने बताया कि सुपेला अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए वेटिंग हॉल की कमी थी, जिसे दूर किया जा रहा है। इसका निर्माण शुरू हो चुका है। पूरा होने की कगार में है। यहां बहुत से मरीज और उनके रिश्तेदार आराम से बैठ सकते हैं। बारिश और धूप में उनको अब पहले की तरह परेशान नहीं होना पड़ेगा।
Published on:
02 Mar 2022 09:56 pm

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