
जंजीर से बंधे विक्षप्त युवक की हालत देख पसीजा गया थानेदार का दिल, पहले खिलाया खाना फिर पहुंचाया अस्पताल
भिलाई. खाकी वर्दी पहनने वाले एक थानेदार ने अपनी मानवीय संवेदना से एक विक्षप्त युवक को अपनों से मिलवाकर मानवता की अनोखी मिसाल पेश की है। कुम्हारी थाना टीआई आशीष यादव ने जंजीर से बंधे मानसिक रूप से बीमार एक युवक को न केवल अपने पैसे से अस्पताल पहुंचाया बल्कि उसका इलाज कराने के बाद भीलवाड़ा राजस्थान में बसे परिजनों से संपर्क कर उसने मिलवाया। (Bhilai Police)
टॉयलेट में बंद कर दिया था युवक को
कुम्हारी टीआई आशीष यादव को सूचना मिली कि एक व्यक्ति के पैर में लोहे की जंजीर बंधी है जिस पर ताला लगा है। वह 10 अप्रैल को कुम्हारी के गंगानगर में ईंट भ_ा में काम करने वाले एक श्रमिक के टॉयलेट में घुस गया। उसके पैर में जंजीर बंधी है। इसलिए बाहर से बंद कर दिया है। सूचना पर टीआई तत्काल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। भीलवाड़ा निवासी सावरा माली (35 वर्ष) को अपने कब्जे में लिया। टायलेट से उसे बाहर निकाला तो युवक लंबी-लंबी सांसे ले रहा था।
भूख से प्यास से तड़प रहा था युवक
युवक भूख प्यास से तड़प रहा था। टीआई ने उसे पानी पिलाया। सावरा ने दबी आवाज में कहा कि साहब भूख लगी है। टीआई ने उसे खाना खिलाया। इसके बाद अपनी गाड़ी से कुम्हारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर दुर्ग जिला अस्पताल रेफर कर दिया। टीआई ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि सावरा दिमागी रूप से बीमार है। उसे मेकाहार रायपुर रेफर कर दिया।
ट्रक में खलासी के रूप में काम करता था युवक
रायपुर के डॉक्टरों ने युवक को बिलासपुर केंद्रीय मनोरोग चिकित्सालय रेफर कर दिया। टीआई के मुताबिक युवक के बारे में इतना ही पता चला है कि वह राजस्थान से एक ट्रक में खलासी के रूप में आया था और लॉकडाउन में फंस गया। पैर में जंजीर किसने डाली यह पता नहीं चला है। उसके साथी ट्रक लेकर चले गए या कहीं रूके हैं यह भी युवक नहीं बता सका। हमने उसके इलाज व परिजनों से मिलवाने के लिए प्रयास किया।
Published on:
21 Apr 2020 05:19 pm

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