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महादेव ऐप: पुलिस की कार्रवाई ऐसी कि आरोपी थाने से ही छूट जा रहे, फिर अपने धंधे में लग गए

Mahadev Betting App: महादेव ऐप से जुड़ने वाले अपने सामान्य जीवन में नहीं लौटे और न ही परिवार में आए। कई लड़के कर्ज में डूब कर घर से भाग भी गए है। इधर किराए पर दुकान चलाने वालों को दुकान बंद करनी पड़ रही है।

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file photo

Mahadev Betting App: पुलिस जिस सतनाम सिंह को महादेव ऐप का कुख्यात सटोरिया बता रही थी, जिसे पकड़ने के लिए स्पेशल टीम गठित की थी, पर उसने खुद को सरेंडर किया और पुलिस चौकी से ही मुचलके पर छूटकर चलता बना। अब फिर से अपना काला धंधा शुरू कर दिया है। कुछ ऐसा ही हो रहा है महादेव ऐप के मामले में। पुलिस दलबल के साथ आरोपियों को पकड़ती है, उन्हें बाकायदा मीडिया के सामने पेश करती है, उसके बाद सारे आरोपी आसानी से थाने से ही छूट जाते हैं और फिर उसी काले धंधे में लग जाते हैं।

विदेश में बैठा महादेव ऐप ऑनलाइन सट्टा का मुख्य सरगना बड़ा जाल फैला चुका है। उसके टर्नओवर को देखते हुए अब ईडी नजर रख रही है। महादेव ऐप का मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, राज गुप्ता, सतनाम सिंह, सन्नी सिंह को पकड़ने के लिए एएसपी संजय ध्रुव ने लुकआउट सर्कुलर जारी करने का कहा था। जब मोहननगर, सुपेला, छावनी, जामुल थाना में जानकारी मांगी गई, तो थानेदारों का कहना था कि सौरभ चंद्राकर से लेकर महादेव ऐप से जुड़े किसी भी सदस्य के बारे में लुकआउट सर्कुलर की फाइल आगे नहीं बढ़ी है। सवाल उठता है कि आखिर लुकआउट सर्कुलर की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पुलिस क्यों मुकर रही है। कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आरोपियों को पकड़कर लाने का क्या फायदा, जब सब थाने से ही छूट जा रहे हैं।

हिमालय कॉॅॅंम्प्लेक्स में 109 दुकानें, नहीं मिल रहे हेल्पर
भिलाई के हिमालय कॉम्प्लेक्स में मोबाइल दुकानों के संचालक तकनीकी दक्ष युवकों को 15 से 35 हजार रुपए वेतन पर रखे हुए थे। दुकानदारों का कहना है कि जब से महादेव ऐप ट्रेंड में आया, 75 फीसदी युवक हिमालय कॉम्प्लेक्स से गायब हो गए। कॉंम्प्लेक्स में मोबाइल दुकान संचालक व आप नेता मेहरबान सिंह ने बताया कि महादेव ऐप में सैंकड़ों लड़के चले गए है। स्थिति यह हो गई है कि दुकान के लिए लड़के नहीं मिल रहे हैं। महादेव ऐप से जुड़ने वाले अपने सामान्य जीवन में नहीं लौटे और न ही परिवार में आए। कई लड़के कर्ज में डूब कर घर से भाग भी गए है। इधर किराए पर दुकान चलाने वालों को दुकान बंद करनी पड़ रही है।

पकड़े गए, छूटने के बाद शुरू कर लिया कारोबार
पुलिस सूत्रों से जानकारी मिली है कि जगदलपुर, दिल्ली, मध्य प्रदेश और कोहका में महादेव ऐप के पैनल को पकड़ा गया था। छूटने के बाद पैनलिस्ट फिर से 2 से 5 लाख रुपए खर्च कर अपने पैनल का संचालन कर रहे हैं। आरोपी सन्नी सिंह पटियाला और जमशेदपुर दो जगह से पैनल चला रहा है। इधर सतनाम सिंह ने पूरा पैनल अपने चचेरे भाई व पार्टनर सन्नी सिंह को सौंपा। फिर खुद भिलाई आकर सरेंडर कर दिया। छूटने के बाद फिर उसी धंधे में लग गया।

लुकआउट की हुई थी प्रक्रिया
भिलाई नगर थाना क्षेत्र से एक्टार्सन के मामले में विक्की पारख फरार था। उसके नाम से लुकआउट सर्कलुर की प्रक्रिया शुरू की गई थी। सर्कुलर जारी होने से पहले ही उसने सरेंडर कर दिया था। इसी तरह स्मृति नगर चौकी पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अभिषेक गौर के खिलाफ लुकआउट सर्कुल की प्रक्रिया शुरु की थी, इस बीच वह पकड़ा गया था।

महादेव ऐप का सरगाना सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम से लुकआउट सुर्कलर जारी कराने की प्रक्रिया चल रही है। अन्य आरोपियों के बारे में आदेश हुआ है या नहीं इसकी जांच करता हूं।
संजय ध्रुव, एएसपी शहर