
कलेक्शन एजेंट को दिन दहाड़े गोली मारने वाले आरोपियों का कोई सुराग नहीं
भिलाई. शहर में सात दिन के अंतराल में लूट और उठाइगिरी जैसी दो बड़ी वारदात हुई। इसमें शामिल आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। 10 दिन से पुलिस फुटेज खगांलने में जुटी है, लेकिन अब तक आरोपियों को पकडऩा तो दूर कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सके। क्राइम ब्रांच के मुताबिक दोनों मामले में टॉवर डंप किया गया। इसमें हजारों संदेही के नंबर खंगाले। दो संदेही नंबर के आधार पर पुलिस की दो टीम नागपुर रवाना हुई। संदेहियों को लाकर पूछताछ की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस को आशंका है कि दोनों मामले में महाराष्ट्र के बदमाश शामिल हो सकते हैं।
१४ अगस्त को दुर्ग में कलेक्शन एजेंट की बाइक को ओवरटेक कर दिन दहाड़े गोली मार दी। बैग में रखे ४.५ लाख रुपए लूट कर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस दो लोगों को नागपुर से लाकर पूछताछ कर चुकी है, लेकिन सफलता नहीं मिली।
कार का शीशा तोड़कर बैग में रखे 2.5 लाख उड़ा ले गए
21 अगस्त को पुष्पक नगर में घर के सामने खड़ी कार का शीशा तोड़कर आरोपी बैग में रखे २.५ लाख रुपए उड़ा ले गए। पुलिस ने१० सीसीटीवी फुटेज खगांले। जिसमें एक युवक सफेद शर्ट और नीले पैंट में कार के पास नजर आ रहा है। कार के पास इधर उधर तांक झांक भी कर रहा। २ मिनट में खेल खत्म कर फरार हो गया। घटना के चार दिन के बाद आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला।
लूट और अपहरण के तीन इनामी आरोपी गिरफ्तार
लूट और अपहरण के मामले में तीन इनामी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये वो आरोपी हंै जो तीन साल से पुलिस की आंख में धूल झोंक रहे थे, लेकिन अभियान के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने इन पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम रखा था। एक आरोपी के खिलाफ सुपेला थाना में लूट और दो आरोपियों के खिलाफ थाना उतई में अपहरण का मामला दर्ज है।
अलग-अलग टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
क्राइम ब्रांच प्रभारी भावेश साव ने बताया कि सुपेला थाना में दर्ज लूट के आरोपी कैंप-१ निवासी अमन सिंह उर्फ कीरा (३५) फरार हो गया था। वह अब पकड़ा गया। इसी दौरान उतई थाना में दर्ज अपहरण के मामले में ग्राम गुजरा निवासी आरोपी दीपक कुमार बघेल और डुंडेरा के जीतू ठाकुर फरार थे। इन्हें पकडऩे न्यायालय से कई बार वारंट जारी किए, लेकिन तामिल नहीं हो रहे थे। पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश दे रही थी। इसके बाद उक्त आरोपियों का पता बताने वालों को ५ हजार रुपए का इनाम की घोषणा की। इसके बावजूद पुलिस के हाथ तीन साल से खाली रहा। शुक्रवार की रात पुलिस ने घर पर दबिश दी। अलग-अलग टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
Published on:
25 Aug 2018 08:35 pm

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