2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आॉक्सीजन कंपनी में जांच करने गए दो ड्रग इंस्पेक्टर से जमकर मारपीट, 4 घंटे बंधक बनाकर रखा सरकारी कर्मचारियों को

औद्योगिक क्षेत्र नंदिनी रोड अतुल ऑक्सीजन कंपनी में नियमित जांच के दौरान पहुंचे दो औषधि निरीक्षक के साथ मारपीट की गई। उन्हें चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।

2 min read
Google source verification

भिलाई

image

Dakshi Sahu

Sep 12, 2020

आॉक्सीजन कंपनी में जांच करने गए दो औषधि निरीक्षकों से जमकर मारपीट, 4 घंटे बंधक बनाकर रखा सरकारी कर्मचारियों को

आॉक्सीजन कंपनी में जांच करने गए दो औषधि निरीक्षकों से जमकर मारपीट, 4 घंटे बंधक बनाकर रखा सरकारी कर्मचारियों को

भिलाई. औद्योगिक क्षेत्र नंदिनी रोड अतुल ऑक्सीजन कंपनी में नियमित जांच के दौरान पहुंचे दो औषधि निरीक्षक के साथ मारपीट की गई। उन्हें चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। घटना की जानकारी पीडि़तों ने अपने विभाग के उच्च अधिकारियों को दी लेकिन समय पर उस कंपनी में जांच करने नहीं पहुंचे। पुलिस ने आरोपी कंपनी मालिक अतुल अग्रवाल और कर्मचारी आसित सामल, जुगल सिकदर के खिलाफ धारा 186, 353, 294,342, 323, 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

जामुल पुलिस ने बताया कि 9 सितंबर को दुर्ग औषधि निरीक्षक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के बृजराज सिंह और ईश्वरी नारायण नियमित जांच के लिए औद्योगिक क्षेत्र नंदिनी रोड स्थित अतुल ऑक्सीजन कंपनी गए थे। जहां जांच की तो कई अनियमितता मिली। निरीक्षकों ने जांच के पश्चात हस्ताक्षर के लिए प्रतिवेदन कंपनी के कर्मचारियों को दिया। जहां उपस्थित कर्मचारी जुगल सिकंदर एवं आसित सामल ने प्रतिवेदन को पढ़ा ही था तब तक कंपनी मालिक अतुल अग्रवाल पहुंच गए। दोनों कर्मचारियों ने निरीक्षकों से कहा कि मालिक आ गए है, वहीं हस्ताक्षर करेंगे। थोड़ी ही देर में मालिक के केबिन से लौटकर कर्मचारी आसित सामल और जुगल सिंकदर ने निरीक्षकों को बुलाया और कहा कि मालिक अतुल अग्रवाल बुला रहे है। जैसे ही दोनों निरीक्षक केबिन में पहुंचे अतुल अग्रवाल दोनों ही निरीक्षकों से अभद्र व्यवहार करने लगा। उनके साथ जमकर मारपीट की। चार घंटे तक बंधक बनाए रहा। इसके बाद दोनों को छोड़ा।

विभाग समय पर नहीं पहुंचा
दोनों निरीक्षकों ने इस घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। लेकिन उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। यदि उसी समय अधिकारी मौके पर पहुंच गए होते तो कंपनी में ऑक्सीजन की हेराफेरा का खुलासा हो सकता था। अधिकारी कई घंटों बाद दोबारा जांच करने गए।

कलेक्टर ने मामले को लिया संज्ञान में
इस मामले की जानकारी कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे तक पहुंची। उन्होंने तत्काल जांच करने के आदेश दिए और कंपनी मालिक समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने को कहा है। कलेक्टर ने तत्काल एक दूसरी टीम गठित कर जांच के लिए भेजा। जांच के बाद ऑक्सीजन में गड़बड़ी का खुलासा होने की बात कही जा रही है।

Story Loader