
रायला पुलिस द्वारा पकड़े गए चोरी के आरोपित
रायला।
क्षेत्र के ईरास गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में मंदिर का ताला तोड़ चोर मंगलवार रात तीन क्विंटल वजनी लोहे का दानपात्र उठा ले गए। मगर चोर महज 12 घंटे में पकड़ में आ गए। इसकी वजह भी दिलचस्प रही। हुआ यूं कि वारदात के बाद चोर उसी इलाके के एक गेस्ट हाउस में ठहरे। बुधवार सुबह जब गेस्ट हाउस का भुगतान करने की बारी आई तो चोरों ने दानपात्र से निकाली रेजगारी पकड़ा दी। इस पर रायला पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चारों को धरदबोच लिया। हालांकि मुख्य आरोपित भागने में कामयाब रहा।
थानाप्रभारी पूरणमल मीणा के अनुसार जंगल में आंवण माता मंदिर का चोरों ने देर रात ताला तोड़ लिया। यहां से तीन क्विंटल वजनी लोहे का दानपात्र ले गए। पुजारी कन्हैयालाल गुर्जर सुबह पूजा करने पहुंचे तो इसका पता चला। उन्होंने गांव पहुंच लोगों को इसकी जानकारी दी। दानपात्र में करीब 80 हजार रुपए थे। सूचना पर रायला पुलिस वहां पहुंची।
आधा दर्जन मंदिरों से कबूली चोरी
मंदिर से दानपात्र चोरी की खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। इस बीच चोरी के आरोपित रायला के निकट गेस्ट हाउस में रुक गए। थानाप्रभारी पूरणमल के नेतृत्व में आरोपितों को पकडऩे टीम बनाई गई। आराोपित वहां से सुबह जाने लगे तो गेस्ट हाउस संचालक को 700 रुपए की रेजगारी पकड़ा दी। बड़ी संख्या में रेजगारी देख संचालक को शक हुआ तो पुलिस को इतला दे दी। पुलिस तत्काल गेस्ट हाउस पहुंची। वहां से लाम्बियागेट (रायला) के कमलेश गुर्जर, पाटियों का खेड़ा के शंकर गुर्जर, बागा का खेड़ा के प्रकाश नाथ तथा धूलकोट के बालाजी के छोटू गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया लेकिन उनका अन्य साथी पाटियों का खेड़ा का कैलाश गुर्जर फरार हो गया। आरोपितों ने आधा दर्जन से अधिक मंदिरों में चोरी की वारदात कबूली है। इसमें माण्डल, शम्भूगढ़, बदनोर, गुलाबपुरा, बिजयनगर समेत कई इलाके शामिल है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
Updated on:
07 Sept 2017 12:08 am
Published on:
06 Sept 2017 10:50 pm

बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
