
कोटड़ी पंचायत समिति की मंगलवार को हुई साधारण सभा में जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) मुकेश मीणा के शराब के नशे में होने के आरोप पर हंगामा हो गया।
कोटड़ी।
कोटड़ी पंचायत समिति की मंगलवार को हुई साधारण सभा में जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) मुकेश मीणा के शराब के नशे में होने के आरोप पर हंगामा हो गया। हंगामे के बीच मीणा एक बारगी बाथरूम में जा घुसे, वहां से उन्हें निकाला तो वे भीलवाड़ा चले गए लेकिन कलक्टर के निर्देश पर मीणा फिर कोटड़ी लौटे, जहां उनका मेडिकल किया गया।
जानकारी के अनुसार पंचायत समिति की बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद सरपंचों व कुछ सदस्यों ने वहां मौजूद एसीईओ मुकेश मीणा पर शराब पीकर आने का आरोप लगाते हंगामा किया। इस बीच उप प्रधान बृजराजकृष्ण उपाध्याय ने मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा बढ़ता देख मीणा बैठक से निकल बाथरूम में जा घुसे। सदस्यों ने मीणा का मेडिकल कराने की मांग की। उपखंड अधिकारी (एसडीओ) उम्मेद सिंह ने सदस्यों को शांत कराने का प्रयास किया। सदस्यों ने एसीईओ मीणा को बाथरूम से जबरन निकाला। हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच मीणा कार में बैठे और भीलवाड़ा रवाना हो गए।
गुस्साए सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पारित कर उनका मेडिकल कराने की मांग की। एसडीएम ने घटनाक्रम कलक्टर को बताया। कलक्टर ने मीणा को फिर कोटड़ी भेजा, जहां मेडिकल कराया गया। इस दौरान विधायक धीरज गुर्जर, प्रधान सुमन गुर्जर, पंचायत समिति सदस्य मनीष गुर्जर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सदन की गरिमा के खिलाफ
बैठक में अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि का शराब पीकर आना गलत है। जिम्मेदार अधिकारी का सदन में नशा कर आना खुद ही नहीं बल्कि सदन की गरिमा के भी खिलाफ है। सदन में मीणा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया है।
सुमन गुर्जर, प्रधान कोटड़ी
नहीं पी शराब
बैठक में शराब पीकर नहीं गया था। बेवजह जनप्रतिनिधियों ने मुझ पर शराब पीकर आने का आरोप लगाते हंगामा किया। वापस कोटड़ी पहुंच मैंने मेडिकल जांच करवाई है। जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाएगा कि शराब के नशे में था या नहीं।
मुकेश मीणा, एसीईओ, जिला परिषद भीलवाड़ा
सदन में शराब पीकर आना गलत है। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने एसीईओ मीणा पर शराब पीकर आने का आरोप लगाया। मीणा का मेडिकल करवाकर रिपोर्ट जिला कलक्टर को भिजवा दी गई है।
उम्मेद सिंह राजावत , एसडीएम, कोटड़ी
साधारण सभा की बैठक का माहौल खराब करने की नीयत से मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेन्द्रसिंह राठौड़ ने शराब पीए हुए एसीईओ मुकेश मीणा को बैठक में भेजा, लेकिन मैंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच ढाल बनकर टकराव होने की बड़ी घटना को रोका । अगर कोई भी बड़ी घटना हो जाती तो उसके जिम्मेदार जिला परिषद के सीईओ होते।
धीरज गुर्जर, विधायक कोटड़ी- जहाजपुर
Published on:
10 Oct 2017 11:50 pm

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