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आचार्य ने की जैनम् जयतु शासनम् नवीन उपक्रम की घोषणा

कल्याण परिषद बैठक

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आचार्य ने की जैनम् जयतु शासनम् नवीन उपक्रम की घोषणा

आचार्य ने की जैनम् जयतु शासनम् नवीन उपक्रम की घोषणा

भीलवाड़ा।
यहां तेरापंथ नगर में चातुर्मास कर रहे आचार्य महाश्रमण ने शुक्रवार को कल्याण परिषद बैठक में जैन शासन के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। जैन एकता एवं जैन शासन कि प्रभावना के लिए नई पहल करते हुए आचार्य ने जैनम् जयतु शासनम् नवीन उपक्रम की घोषणा की। इसके तहत विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से जैन शासन हित गतिविधियां संचालित होगी।
आचार्य ने बताया कि हमारा जीवन दो तत्व शरीर और आत्मा का योग है। शरीर के भीतर ही आत्मा रहती है। एक विशेष स्थिति ऐसी भी आती है, जब आत्म प्रदेश शरीर से बाहर निकल जाते है। जैन दर्शन में इसको समुदघात कहते है, जिसके सात प्रकार होते है। उनमें से एक केवली समुदघात है, जो आठ समय का होता है। प्रत्येक प्राणी की आत्मा में लोकाकाश जितने असंख्य प्रदेश होते है। अनंतकाल तक जो एक समान अवगाहन लिए रहते है। धर्मास्तिकाय, अधर्मास्तिकाय, लोक, जीवास्तिकाय के प्रदेश एक समान रूप से फैले होते है। एक जीव के प्रदेश कम या ज्यादा फैले हो सकते है। आत्मा को जितना स्थान मिले, शरीर अनुसार वह उसमें समाविष्ट हो जाती है और उसी के अनुरूप आत्म प्रदेश फैल जाते है। फैलाव और संकोच आत्मा का सिद्धांत है।
उन्होंने कहा कि समुदघात इसलिए होता है क्योंकि केवली के चारघाती कर्म शेष रहते है। ये आत्मा के मूल गुणों की घात नहीं करते है, परन्तु जब तक अघाती कर्म रहते है तब तक मोक्ष नही मिलता है।
इस अवसर पर जैन विश्व भारती की ओर से आचार्य महाप्रज्ञ की नवप्रकाशित पुस्तक क्षमा की पराकाष्ठा का विमोचन किया गया। साध्वी विश्रुतविभा ने पुस्तक के बारे में जानकारी दी। साध्वीवर्या संबुद्धयशा, अभातेयुप अध्यक्ष संदीप कोठारी ने विचार व्यक्त किए। पायल रांका व इंदिरा मारू ने नौ की तपस्या का प्रत्याख्यान किया।
सरगम सुरों का महासंग्राम
भीलवाड़ा।
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की ओर से आयोजित सरगम सुरों का महासंग्राम का तृतीय क्वार्टर फाइनल का वर्चुअल आयोजन हुआ। मीडिया प्रभारी अजय नौलखा ने बताया कि कार्यक्रम की विधिवत घोषणा राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप कोठारी ने की। कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र से मंत्री पीयूष रांका ने किया। विजयगीत का गान भिक्षु भजन मंडली ने पेश किया। युवक परिषद अध्यक्ष संदीप चोरडिय़ा ने स्वागत किया। अध्यक्षता अभातेयुप अध्यक्ष संदीप कोठारी और आचार्य महाश्रमण चातुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति अध्यक्ष प्रकाश सुतरिया, महामंत्री निर्मल गोखरू ने की। कार्यक्रम में अभतेयुप महामंत्री मनीष दफ्तरी, अभिनेता अर्पित रांका, तेरापंथ सभा अध्यक्ष भैरूलाल चोरडिय़ा, सुरेंद्र मेहता, नवरतनमल झाबक, टीपीएफ अध्यक्ष राकेश सुतरिया, अखिल भारतीय महिला मंडल सहमंत्री नीतू ओस्तवाल, सोनल पीपाड़ा, राष्ट्रीय संयोजक लक्की कोठारी, संयोजक वरुण पितलिया, आनंदराज सिंघवी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम में पूरे देश के अलग अलग कोने से प्रतिभागी अपनी प्रस्तुति दी। संचालन मंत्री पीयूष रांका व सोनल पीपाड़ा ने किया।