
Annapurna Bhandar charges a huge registration fee of Rs 2500, dealers are hurt
शहर में राशन की दुकान पर एक ही छत के नीचे किराणे की सामग्री के साथ ही कपड़ा उपलब्ध कराने की सरकार की मंशा आमजन के लिए राहत भरी हो सकती है, लेकिन सरकारी अन्नपूर्णा भंडार से जुड़ी यह योजना राशन डीलर्स को रास नहीं आ रही है। डीलर्स की पीड़ा है कि सरकार खाद्य सामग्री की बिक्री पर अभी कमीशन समय पर नहीं दे रही है, ऐसे में अन्नपूर्णा भंडार के पंजीयन के लिए मांगा जा रहा पांच हजार रुपए शुल्क भी उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने प्रदेश में पांच हजार अन्नपूर्णा भंडार खोलने की घोषणा की है। अन्नपूर्णा भंडार के लिए प्रदेश के 27 हजार राशन डीलर्स में से ही पांच हजार से आवेदन राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड ने मांगे हैं। आवेदन मांगे जाने के बाद अब निगम ने 2500 रुपए का आवेदन पंजीयन शुल्क जमा कराने का भी फरमान जारी कर दिया है। ऐसे में नए सिरे से सशुल्क आवेदन की प्रक्रिया होगी। राशन डीलर्स की पीड़ा है कि उचित मूल्य की दुकानें नाम मात्र की रह गई हैं। यहां चीनी चार साल से नहीं आ रही है। करोसिन का आवंटन 2017 से बंद है। तिलहन-दलहन, चाय पत्ती का आवंटन तो बीते जमाने की बात हो गई है। दुकान पर केवल गेहूं का ही आवंटन हो रहा है। इसमें भी देय कमीशन समय पर नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में राशन की दुकान के भरोसे परिवार का पेट पालना संभव नहीं है।
पहले नहीं लगा था शुल्क
पूर्व मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे के कार्यकाल के दौरान अन्नपूर्णा भंडार योजना शुरू की गई थी, उस समय किसी प्रकार का पंजीयन शुल्क नहीं लिया गया, लेकिन इस बार पंजीयन शुल्क लगाया गया है।
पंजीयन शुल्क न्याय संगत नहीं
राजस्थान सरकार के पांच हजार अन्नपूर्णा भंडार खोले जाने का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन विडंबना है कि सरकार उचित मूल्य दुकानदार से 2500 आवेदन शुल्क ले रही है। यह न्याय संगत नहीं है। उचित मूल्य के दुकानदारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। पंजीयन के नाम पर वसूली को तुरंत रोका जाए। उचित मूल्य दुकानदारों को योजना में नि:शुल्क एवं प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए।
- संजय तिवाड़ी, जिलाध्यक्ष, ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन
Updated on:
22 May 2025 11:27 am
Published on:
22 May 2025 11:27 am
