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Bhilwara news : 2 लाख वर्ग मीटर भू-उपयोग परिवर्तन के अधिकार कलक्टर को मिले

मेवाड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री ने मुख्यमंत्री एवं उद्योग मंत्री को पत्र लिखा

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Collector gets rights to change land use of 2 lakh square meters

Collector gets rights to change land use of 2 lakh square meters

Bhilwara news : राजस्थान के औद्योगिक विकास एवं राइजिंग राजस्थान समिट में किए एमओयू जमीन के अभाव में मूर्त रूप नहीं ले पा रहे हैं। सरकार को कलक्टर स्तर पर कुछ अधिकार देने की मांग की गई है। मेवाड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री ने मुख्यमंत्री एवं उद्योग मंत्री को प्रतिवेदन भेजा। इसमें कहा कि पूर्व में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के विस्तारीकरण के लिए कृषि भूमि से औद्योगिक भूमि में रुपांतरण में मात्र नए आवेदित भूमि को ही मान्य किया जा रहा है जबकि निस्तारण के लिए दिए 2 लाख वर्ग मीटर तक के अधिकार एवं औद्योगिक भूमि पर उत्पाद परिवर्तन के लिए कलक्टर को अधिकार देने की मांग की है।

चैम्बर के महासचिव आरके जैन ने बताया कि वर्ष 2021 में राजस्व विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर जिला स्तर पर कृषि भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए भू-उपयोग परिवर्तन के लिए कलक्टर के अधिकार 2 लाख वर्ग मीटर तक से घटाकर 50 हजार वर्ग मीटर कर दिए थे। चैम्बर के प्रतिवेदन पर सरकार ने अधिकार बढाकर 2 लाख वर्ग मीटर किए थे, लेकिन पूर्व स्थापित उद्योगों की ओर से विस्तारीकरण के लिए आवेदित परिवर्तन में पूर्व में औद्योगिक रुपान्तरित भूमि को भी जोडा जा रहा है। इससे औद्योगिक इकाइयों के अधिकतर आवेदन 2 लाख वर्ग मीटर से ज्यादा होने से रुपान्तरण प्रकरण सरकार को भेजे जा रहे है। कई औद्योगिक इकाइयों के विस्तारीकरण के ऐसे आवेदन पिछले दो साल से राज्य स्तर पर लंबित है। भू-उपयोग परिवर्तन में देरी से विस्तारीकरण नहीं हो पा रहा है।

इसी तरह औद्योगिक भूमि पर उत्पाद परिवर्तन के अधिकार राज्य स्तर पर है, जबकि रीको औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उत्पाद परिवर्तन के अधिकार क्षेत्रीय प्रबंधक को दे रखे है। उत्पाद परिवर्तन के अधिकार भी राज्य स्तर के बजाय जिला स्तर पर प्रदान किए जाने चाहिए ताकि औद्योगिक इकाइयों में जल्द उत्पादन शुरू हो सके।