
Congress government changed the rules in eight days to make former minister Jat the dairy president
Bhilwara News : मांडल विधायक उदयलाल भडाणा ने विधानसभा में भीलवाड़ा डेयरी का मामला उठाया। भडाणा ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूर्व मंत्री रामलाल जाट को डेयरी चेयरमैन बनाने के लिए आठ दिन में अपने नियम बदल दिए।भडाणा ने सदन में कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने एक निर्णय किया था कि तीन बार से अधिक कोई भी सदस्य डेयरी अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
उसके बाद प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आते ही आठ दिन में ही अपने बने नियम को बदल दिया और विधायक को भी चेयरमैन रहने का अधिकारी दे दिया। नियम बदलकर विधायक (रामलाल जाट) को चेयरमैन का चुनाव लड़ाया। विधायक का चुनाव लड़ा और आठ दिन बाद वे उस सीट पर बैठ गए। मंत्री बने, उसके बाद डायरेक्टर पद से इस्तीफा दिया।
उसके बावजूद भी वे ढाई साल तक डेयरी में बने रहे और राजस्व को हानि पहुंचाई। जब वे डायरेक्टर नहीं थे. तो किस हैसियत से ढाई साल तक रहे और सरकार के राजस्व को हानि पहुंचाई। जाट ने बिना पद पर रहते हुए जो नुकसान किया, उसे वापस सरकार के खाते में लाना चाहिए।
प्रतापपुरा हुरडा क्षेत्र में आता है। जाट वहां से डायरेक्टर थे, लेकिन उन्होंने जनप्रतिनिधि बनने के बाद अपने पीए (ईश्वर गुर्जर) को, जो वहां का निवासी नहीं है। उसके गांव में गाय-भैंस नहीं है और ना ही वहां का राशन कार्ड। फिर भी पीए को वहां से अध्यक्ष का चुनाव लड़ाकर डायरेक्टर बना दिया। डेयरी में कई गड़बड़झाले हुए उसकी जांच होनी चाहिए।
मांडल, भीमडियास जीएसएस के चुनाव में कई गड़बड़ी हुई थी। यहां से भाजपा समर्थित आठ सदस्य जीते थे जबकि कांग्रेस के चार सदस्य जीते थे, लेकिन भाजपा के आठ लोगों को इसलिए रोक दिया कि तुम्हारी तीस रुपए की पर्ची नहीं कटी। उनके चार लोगों को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और व्यवस्थापक बना दिए। ऐसा कई जीएसएस में किया है।
भीलवाड़ा जिले में 1,191 दूध समितियां हैं। लेकिन धारा 30 के तहत 199 लोगों को वोटिंग का अधिकार है। एमपी और गुजरात की तर्ज पर यहां भी ऐसे नियम बने ताकि सभी समिति सदस्यों को वोट का अधिकार मिलें। ताकि डेयरी में भाजपा का अध्यक्ष बैठ सके। वहीं भीलवाड़ा में उपभोक्ता भंडार की 19 दुकानें हैं। उनमें 13 उपभोक्ता भंडार में और 6 क्रय-विक्रय समिति के पास हैं। 13 दुकानों में कांग्रेस सरकार के समय से फार्मासिस्ट लगे हैं। नए फार्मासिस्टों की भर्ती की जाए ताकि भंडार में हुए घोटालों को रोका जा सकें।
Updated on:
16 Mar 2025 10:55 am
Published on:
16 Mar 2025 09:21 am
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