
Mid-day meal: Officials are unable to tell how many children tasted the food
Bhilwara news : राजकीय विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना (मिड-डे-मील) की सूचनाएं गोल-मोल हैं। कब किस स्कूल में कितने बच्चों ने भोजन किया इसकी रियल टाइम सूचना भेजने में गंभीर लापरवाही की जा रही है। इस कारण केंद्रीय सहयोग अटक गया है।
आयुक्तालय मिड-डे- मील की ओर से जिला कलक्टर को पत्र जारी कर विद्यालयों में योजना के लाभार्थियों की संख्या उसी दिन दर्ज कराने को कहा है। समय पर सूचना दर्ज नहीं होने को उन्होंने महत्वहीन बताया है। मिड-डे- मील आयुक्त विश्व मोहन शर्मा ने सभी कलक्टर को निर्देश दिया है कि स्कूलों में मिड-डे- मील ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या सेम टाइम यानी कि रीयल टाइम में अपडेट होनी चाहिए।
राजसिम्स पोर्टल दर्ज करनी होती है सूचनाएं
मिड-डे- मील से लाभांवितों का डेटा राजसिम्स पोर्टल पर ऑन लाइन अपलोड करना होता है। इसके आधार पर योजना के तहत केंद्रीय सहयोग राशि आवंटित होती है। पर, वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में समय पर सूचनाएं अपडेट करने में कोताही बरती जा रही है। भीलवाड़ा जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक के स्कूलों में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। डेटा अपडेट नहीं करने से इसे लेकर स्थिति अस्पष्ट है।
प्रति दिवस आता है अंतर
राजकीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत भोजन करने वाले बच्चों की संख्या प्रतिदिन परिवर्तित् होती है। इसके आधार पर कितने बच्चों ने भोजन किया इसका हिसाब-किताब तय करने के उपरांत केंद्र सरकार से सहयोग राशि जारी की जाती है।
Published on:
03 Mar 2025 10:33 am
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