
Mines will now have to register on IBM's portal
सुरेश जैन
Bhilwara news: केंद्र सरकार की एक अधिसूचना के बाद माइनर से मेजर में आई बैराइट्स, क्वार्ट्ज-फेल्सपार व अभ्रक की प्रदेश की 5 हजार खानों के मालिकों के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। इन खानों को अब भारतीय खान ब्यरो अजमेर के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए खान निदेशालय उदयपुर ने एक आदेश जारी कर सभी को 31 मार्च तक का समय दिया है। आपको बता दें कि बैराइट्स, क्वार्ट्ज-फेल्सपार व अभ्रक की खदान जो 10 फरवरी 2015 से पहले माइनर मिनरल में थी। उसे गत 20 फरवरी को एक आदेश जारी कर मेजर मिनरल (प्रधान खनिज) में शामिल कर लिया है।
इनकी करनी होगी पालना
खनिज बैराइट्स, क्वार्ट्ज-फेल्सपार व अभ्रक के खनन पट्टों में 31 मार्च 2025 तक एमसीडीआर-2017 के नियम 45 के तहत भारतीय खान ब्यूरो अजमेर के पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। इससे खान का यूनिक कोड प्राप्त करने के साथ मासिक एवं वार्षिक रिटर्न भी प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा अपने खनन पट्टों में 30 जून 2025 तक भारतीय खान ब्यूरो अजमेर के समक्ष खनन पट्टों के माइनिंग प्लान अनुमोदन के लिए पेश करना होगा। इसकी सूचना खनिज विभाग को देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर खनन पट्टाधारक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
खातेदारी की जमीन खरीदने वाले को झटका: केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत अब बैराइट्स, क्वार्ट्ज-फेल्सपार व अभ्रक की खातेदारी में लीज नहीं हो सकेगी। इन खदानों की खान विभाग नीलामी करेगा। पहले लीज किसी अन्य को ट्रांसफर होती थी वह अब नहीं होगी।
भीलवाड़ा सर्कल में 866 खनन पट्टे
खनिज विभाग के खनिज अभियंता महेश शर्मा ने बताया कि जिले में खनिज बैराइट्स, क्वार्ट्ज-फेल्सपार व अभ्रक के कुल 866 खनन पट्टें है। इनमें भीलवाड़ा में 819, बिजौलिया में 4, चित्तौड़गढ़ में 35 तथा निम्बाहेड़ा में 8 खनन पट्टे शामिल है। इन सभी को खान निदेशालय व खनिज विभाग की ओर से जारी आदेश की पालना करने का कहा गया है।
Published on:
03 Mar 2025 10:47 am

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