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bhilwara news: 60 के बाद फिट रहने का एक ही तरीका योग

अधिकतर लोग जवानी में यह सोचकर धन जोड़ते रहते है कि बुढ़ापे को शान से जीएंगे। लेकिन जब बुढ़ापा आता है तो अपने साथ बीमारियां भी ले आता है। फिर बुढ़ापा, दवाइयों, परहेज़ो और अस्पतालों में निकल जाता है।

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bhilwara news: 60 के बाद फिट रहने का एक ही तरीका योग

bhilwara news: 60 के बाद फिट रहने का एक ही तरीका योग

अधिकतर लोग जवानी में यह सोचकर धन जोड़ते रहते है कि बुढ़ापे को शान से जीएंगे। लेकिन जब बुढ़ापा आता है तो अपने साथ बीमारियां भी ले आता है। फिर बुढ़ापा, दवाइयों, परहेज़ो और अस्पतालों में निकल जाता है। क्योंकि इस उम्र में अक्सर कोई ना कोई रोग परेशान करने लगता है। लेकिन योग ऐसा तरीका है जिसके माध्यम से हर उम्र के लोग फिट रह सकते है। मंगलवार को पूरा विश्व योग दिवस मनाएगा। भीलवाड़ा में भी कई आयोजन होंगे। कई योग गुरु लोगों को पार्को में योग सिखाते हुए मिल जाते है।


योगाचार्य उमाशंकर शर्मा का कहना है कि शरीर एक मशीन की तरह है। जैसा इससे काम लेते हैं, वैसा ही ये चलता है। जिन्होंने युवा अवस्था से ही सेहत पर ध्यान रखकर अपने लाइफ स्टाइल को बेहतर रखा उनमें बीमारियां जल्दी नहीं आतीं। अन्यथा व्यक्ति जल्दी बीमार होने लगता है। लेकिन बुढ़ापे में इंद्रियों से भली-भांति काम लेते हुए, चलते-फिरते हुए स्वस्थ जीवन जीने के लिए शरीर का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस उम्र में शरीर की प्राण शक्ति कम होने लगती है। इससे शरीर के सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होने लगते है। यहीं कारण है कि 60 की उम्र में जब कोई रोग आता है, तो उसके साथ अन्य बीमारियां भी आ जाती। लेकिन यदि हम सही तरीके से योग का अभ्यास प्रतिदिन करे तो शरीर में मौजूद बीमारियां भी दूर हो जाएंगी।


शर्मा ने बताया कि सीनियर सिटिजन के लिए योग से बढ़कर दूसरा कोई और स्वस्थ बने रहने का प्राकृतिक तरीका नहीं है। योगाभ्यास को सुबह खाली पेट शौच आदि से निवृत्त होने के बाद खुले वातावरण में करना चाहिए। यदि मौसम ठंडा है, अपने को ठंड से बचाते हुए इसका अभ्यास अंदर कमरे में भी कर सकते हैं। यदि सुबह समय न मिलें, तो शाम के समय भी लंच से 4-5 घंटे बाद खाली पेट कर योग सकते हैं। योगाभ्यास करते समय मन में यह भाव रखें कि मेरे शरीर में आई बीमारियां ठीक हो रही हैं और पूरा शरीर चुस्त-दुरुस्त होता जा रहा है।
भीलवाड़ा निवासी उमा चांडक ने 60 के उम्र योग को अपनाकर अपने को बीमारियों से दूर रखने का प्रयास किया है। उमा चांडक राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय महुआ खुर्द से प्रधानाचार्य पद सेवानिवृत 31 अगस्त 2018 को होने के बाद योग से जुड़ कर नियमित योग अभ्यास करना प्रारम्भ किया। उमा चांडक योग के असंभव आसनों का अभ्यास करती है जो एक स्वास्थ्य व्यक्ति के भी आसान नहीं है। उमा अपने पति प्रदीप बल्दवा के साथ नियमित 60 मिनट अभ्यास करती है। प्रारम्भ में योग के अभ्यास में शारीरिक जकड़न व शरीर खिंचाव के कारण बहुत परेशानी होती थी पर आज वे योग के सभी आसनों का अभ्यास कर सकती है।


उमा ने बताया कि योग करने से शारीरिक ही नहीं मानसिक रूप से स्वास्थ्य रहती हूँ। योगाचार्य उमा शंकर के दिशानिर्देश में पूरा परिवार योग कर रहे और स्वस्थ्य है। बेटा निखिल अमेरीका से और बेटी चारु दुबई से नियमित योग अभ्यास ऑनलाइन के माध्यम से करते है। ऐसे कई परिवार है जो आज योग से जुड़कर अफने आपको फिट रख रहे है।