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बड़ी राहत : शिक्षा विभाग के रिटायर कर्मचारियों के लिए 27 को लगेगी पहली ‘पेंशन अदालत’

पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए 15 से 17 अप्रेल तक लगेंगे विशेष कैंप

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Big relief: First 'Pension Court' to be held on 27th for retired employees of Education Department

बड़ी राहत : शिक्षा विभाग के रिटायर कर्मचारियों के लिए 27 को लगेगी पहली 'पेंशन अदालत'

शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पेंशन प्रकरणों में आ रही दिक्कतों और लेटलतीफी को दूर करने के लिए, वित्त विभाग के निर्देश पर 27 अप्रेल को संभाग स्तर पर प्रथम पेंशन अदालत का आयोजन किया जा रहा है। पेंशन अदालत से पहले, सालों और महीनों से अटके मामलों को तुरंत सुलझाने के लिए विभाग 15 से 17 अप्रेल तक विशेष कैंप लगाने जा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (मुख्यालय) को इस संबंध में निर्देश जारी किए है।

पारिवारिक पेंशनर्स पर रहेगा खास फोकस

मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार यह पहली पेंशन अदालत पूरी तरह से पारिवारिक पेंशनर्स को समर्पित रहेगी। इसमें विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित पुत्री और दिव्यांगपुत्र/पुत्रियों के अटके हुए पेंशन प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।

अधिकारियों को मौके पर ही सुलझानी होगी तकनीकी अड़चन

विशिष्ट शासन सचिव वित्त (बजट) की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह तय किया गया है कि 15 से 17 अप्रेल तक क्षेत्रीय पेंशन कार्यालयों में विशेष कैंप लगेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि आईएफएमएस 3.0 पोर्टल पर पेंशन प्रकरण ऑनलाइन प्रस्तुत करने में कोई तकनीकी समस्या जैसे ईएसएस, मेकर, चेकर या अप्रूवर लेवल पर अड़चन आ रही है, तो पेंशन स्वीकृति प्राधिकारी प्रधानाचार्य, सीबीईओ, डीईओ को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप में उपस्थित होना होगा। अधिकारियों को मौके पर ही समस्या का समाधान कर ऑनलाइन पेंशन स्वीकृत करते हुए पेंशन प्राधिकार पत्र जारी करवाने होंगे।

31 मार्च तक के सभी पेंडिंग मामले होंगे क्लीयर

आदेश के तहत 31 मार्च 2026 तक सेवानिवृत्त हुए उन सभी कार्मिकों के प्रकरण निपटाए जाएंगे, जिनका अब तक निस्तारण नहीं हुआ है। इनमें वे मामले भी शामिल हैं जो प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से शुरू नहीं किए गए हैं, या शिक्षा और पेंशन विभाग के बीच आपत्तियों के कारण अटके हुए हैं। सेवा के दौरान मृत्यु वाले मामलों को भी इन्हीं तीन दिनों के कैंप में सुलझाया जाएगा। सभी संयुक्त निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 17 अप्रेल तक निस्तारित किए गए मामलों और परिवादों की समेकित रिपोर्ट 20 अप्रेल तक अनिवार्य रूप से ई-मेल के जरिए निदेशालय को भिजवाएं।