
Bliss parmanand for compensation for ten years
भीलवाड़ा। शहर में नेहरू रोड के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण की मुहिम के दौरान तोड़ी दुकान के मुआवजे व निस्तारण को लेकर पंचवटी कॉलोनी निवासी परमानंद सिंधी दस साल से दर दर ठोकरें खा रहा है। सरकारी व्यवस्थाओं की खामियों का हाल यह है कि केस जीतने के दो साल बाद भी उसे न्याय नहीं मिल सका
पंचवटी कॉलोनी निवासी परमानंद सिंधी ने बताया कि नेहरू रोड स्थित दुकान का अधिकांश हिस्सा नगर विकास न्यास ने रोड को चौड़ा करने के लिए २१ सितम्बर २०१२ को तोड़ दिया था। न्यास की कार्रवाई से उसका रोजगार छीन गया। न्यास ने तोड़ी दुकान के बदले न्यास क्षेत्र मेें ही भूमि आवंटित करने का आश्वासन लिखित में दिया था, लेकिन न्यास ने ना तो जमीन दी और ना ही मुआवजा दिया, Bliss parmanand for compensation for ten years
दो माह में निस्तारण के थे आदेश
उसकी पीड़ा है कि राज्य मानवाधिकार आयोग में परिवाद दायर किया गया, आयोग ने २६ अप्रेल २०१९ को फैसला सुनाते हुए न्यास को दो माह में निस्तारण करने को कहा, अन्यथा दो लाख रुपए जुर्माना व मौजूदा डीएलसी दर पर भूखंड की कीमत चुकाने के आदेश दिए। परमानंद का कहना है कि आदेश को जारी हुए दो साल से अधिक हो गया। लेकिन न्यायालय के आदेश की पालना नहीं हो सकी। परमानंद ने इस पर वर्ष २०२१ में फिर आयोग में अपील की है। प्रकरण में अब उच्च स्तर पर सुनवाई हो रही है, लेकिन परमानंद को न्याय नहीं मिल सका है।
दिल्ली तक कर चुका गुहार
परमानंद ने बताया कि एक साल में वह न्याय पाने की उम्मीद में हजारों रुपए खर्च कर चुका है, कलक्ट्रेट व यूआईटी के ना जाने कितने चक्कर लगा चुका है, जयपुर, अजमेर व दिल्ली तक अपनी गुहार लगा चुका है। इधर, न्यास अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से प्रकरण का निस्तारण हो चुका है, लेकिन परिवादी को यह मंजूर नहीं है। इस संदर्भ में उच्च स्तर पर मार्ग दर्शन मांगा गया है। Bliss parmanand for compensation for ten years
Published on:
28 Jan 2022 09:56 pm
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