
Corona is now eyeing the children, be careful
भीलवाड़ा। प्रदेश व जिले में अब कोरोना संक्रमण की नजर बच्चों पर है। ऐसे में बडे सुरक्षित रहेंंगे तो घर में बच्चे भी सुरक्षित रहेंगे, बड़ों की जिम्मेदारी है कि वह कोरोना संकट काल में घर में ही रहे, क्यूंकि बाहर से घर लौटने पर अधिकांश कोरोना संक्रमण को भी साथ ले कर लौट रहे है, ऐसे में घर में बच्चे सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। जरूरी है कि घर से बाहर जाए तो मास्क लगाए और पूरी तरह सैनेटराइज रहे। बाल कल्याण समिति सदस्य एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश छापरवाल ने यह बात कही।
उन्होंने बताया कि घर में बड़े सदस्यों को कोविड टीकाकरण कराना चाहिए, ताकि वह सुरक्षित होंगे तो घर सुरक्षित होगा। घर में यदि छोटे बच्चे है तो बड़ों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, उनमें कोरोना के लक्षण नजर आते है तो बच्चों से दूर ही रहना चाहिए।
डॉ. छापरवाल ने बताया कि बच्चों के सर्दी, जुकाम, खांसी की शिकायत होने चिकित्सा परामर्श लेकर उपचार कराना चाहिए। तीन दिन में बुखार नहीं उतरें तो कोरोना टेस्ट कराएं और तत्काल इलाज शुरू कर देंगे। कोरोना की घातक होती दूसरी लहर में शहर एवं जिले में पांच साल तक के बच्चे भी चपेटे में आ रहे है। उन्होंने भीलवाड़ा में दस बेड की बजाए पचास बेड का शिशु कोविड वार्ड खोलने की जरूरत बताई है।
Updated on:
22 May 2021 12:07 pm
Published on:
22 May 2021 12:07 pm
